उदयपुर | विश्व स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में प्रत्यूष भवन में एक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा आमजन को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए महात्मा गांधी जीवन दर्शन समिति के जिला संयोजक पंकज कुमार शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में कैंसर, पेट संबंधी बीमारियां, हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) और डायबिटीज जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इन बीमारियों का मुख्य कारण असंतुलित जीवनशैली, अनियमित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी है।
उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। यदि व्यक्ति अपनी जीवनशैली में सुधार करे—जैसे संतुलित आहार लेना, नियमित व्यायाम करना, तनाव कम रखना—तो हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है।
पंकज शर्मा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।
चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के माध्यम से प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज उपलब्ध कराया गया।
सरकारी अस्पतालों में बेड क्षमता बढ़ाई गई और सुविधाओं का विस्तार किया गया।
सब-सेंटर को पीएचसी तथा पीएचसी को सीएचसी में उन्नत किया गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हुईं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर और मानव संसाधन (मेनपावर) को बढ़ाया गया।
कोविड-19 महामारी के दौरान राज्य ने टीकाकरण अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और देश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम में उपस्थित डॉ. संदीप गर्ग ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना के उपलक्ष्य में हर वर्ष 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों के प्रति जागरूकता फैलाना है।
गोष्ठी में प्रोफेसर विपुल जैन, कार्तिक गर्ग, डॉ. जीनल जोशी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संदीप गर्ग ने किया, जबकि अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर विपुल जैन द्वारा प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से सभी उपस्थितजनों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराने के लिए प्रेरित किया गया।