मुंबई, सोनी सब का नया शो यादें 6 अप्रैल से प्रीमियर हो चुका है। यह शो सोमवार से शनिवार रात 8 बजे प्रसारित हो रहा है। यादें एक गहरी और भावनात्मक कहानी प्रस्तुत करने पर केन्द्रित शो है, जो सिर्फ मेडिकल ड्रामा नहीं, बल्कि उससे कहीं आगे बढ़कर रिश्तों और ज़िंदगी की परतों को दिखाता है। यह शो मशहूर इटालियन सीरीज़ डीओसी (डॉक) से रूपांतरित है और इसमें डॉ. देव मेहता (इक़बाल खान), उनकी एक्स-वाइफ सृष्टि (गुलकी जोशी) और रेज़िडेंट डॉक्टर वाणी (सृष्टि सिंह) की कहानी है, जो अपने-अपने भावनात्मक संघर्षों के साथ-साथ प्रोफेशन और निजी ज़िंदगी की चुनौतियों का सामना करते हैं।
वर्ल्ड हेल्थ डे के मौके पर शो की स्टारकास्ट ने बताया कि असली हेल्दी लाइफ का मतलब सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक संतुलन भी है। आज की तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी में हम अक्सर भूल जाते हैं कि शरीर, मन और भावनाएँ कितनी गहराई से जुड़ी होती हैं। यादें इसी सोच को सामने लाता है और याद दिलाता है कि असली भलाई इसी में है, जब हम अपने हर पहलू का ख्याल रखें। जब हम अपनी पूरी सेहत का ध्यान रखते हैं, तो हम ज़िंदगी की मुश्किलों से बेहतर तरीके से निपट सकते हैं और उसके खुशहाल पलों का आनंद ले सकते हैं।
इस बारे में बात करते हुए इक़बाल ख़ान ने साझा किया, “डॉ. देव का किरदार निभाते हुए मुझे एहसास हुआ कि ज़िंदगी कितनी अनिश्चित हो सकती है और कभी-कभी आपको सब कुछ फिर से बनाना पड़ता है। इस किरदार से आगे बढ़कर मैंने सोचा कि हम अपने शरीर और मन का ख्याल कैसे रखते हैं, खासकर मुश्किल समय में। अक्सर हम बिना रुके चलते रहते हैं और खुद से पूछते भी नहीं कि हम शारीरिक या मानसिक रूप से ठीक हैं या नहीं। मैंने समझा है कि आराम करना आलस नहीं है, चलना-फिरना सिर्फ फिटनेस नहीं है और शरीर का ख्याल रखना अक्सर खुद को फिर से पहचानने की पहली सीढ़ी होता है। इस वर्ल्ड हेल्थ डे पर मैं सच में मानता हूँ कि हर तरह से खुद का ख्याल रखना सबसे ज़रूरी काम है।”
इस बारे में बात करते हुए गुलकी जोशी ने साझा किया, “हम सबके साथ ऐसा हुआ है कि हम थक चुके होते हैं, लेकिन फिर भी चलते रहते हैं, क्योंकि ज़िंदगी रुकती नहीं। समय के साथ मैंने समझा कि लगातार खुद को धकेलते रहना, बिना यह सुने कि आपका शरीर और दिल क्या कह रहा है, धीरे-धीरे आपको थका देता है। अपने लिए जगह बनाना ज़रूरी है, जिसमें रुकना, अच्छा खाना, चलना-फिरना, हँसना और जब चीज़ें भारी लगें तो खुद पर ज़्यादा सख्त न होना शामिल है। वेलबीइंग का मतलब सिर्फ हमेशा पॉज़िटिव रहना नहीं है, बल्कि ईमानदारी से खुद को सुनना और समझना कि आपके हर हिस्से को देखभाल की ज़रूरत है।”
इस बारे में बात करते हुए सृष्टि सिंह ने साझा किया, “मैंने सीखा है कि आप खुद के साथ रोज़मर्रा में कैसा व्यवहार करते हैं, यह उतना ही मायने रखता है, जितना मुश्किल दिनों में। चाहे वह पर्याप्त नींद लेना हो, उन लोगों से जुड़े रहना हो, जो आपको ज़मीन से जोड़े रखते हैं, या फिर व्यस्त दिन में कुछ पल की शांति देना, ये सब चीज़ें मिलकर असर डालती हैं। इस वर्ल्ड हेल्थ डे पर मैं चाहती हूँ कि लोग याद रखें कि खुद का ख्याल रखना स्वार्थ नहीं है। यह ज़रूरी है और यह हर किसी का हक है।”
सोनी सब का शो ‘यादें’ देखना न भूलें हर सोमवार से शनिवार रात 8 बजे, सिर्फ सोनी सब पर।