QCI (Quality Council of India) के प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित इस व्यापक प्रशिक्षण ने ISO (International Organization for Standardization) 15189:2022 की गहन समझ प्रदान की तथा प्रत्यायन (Accreditation) और गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (Quality Management System) की प्रक्रियाओं पर महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि साझा की। यह कार्यक्रम विशेष रूप से इस प्रकार तैयार किया गया था कि इसमें भाग लेने वाले प्रतिष्ठित चिकित्सा विशेषज्ञों—जैसे डॉक्टर, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष—की विशेषज्ञता को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके, ताकि वे चिकित्सा परीक्षण प्रयोगशालाओं में उच्च गुणवत्ता मानकों को बनाए रख सकें।
इस प्रशिक्षण का सीधा लाभ मरीजों को प्राप्त होगा, क्योंकि इससे प्रयोगशाला जांचों की सटीकता (accuracy) और विश्वसनीयता (reliability) में सुधार होगा, रिपोर्टिंग समय कम होगा तथा गलतियों की संभावना घटेगी। परिणामस्वरूप, डॉक्टरों को अधिक सटीक रिपोर्ट प्राप्त होंगी, जिससे सही एवं समय पर उपचार संभव हो सकेगा और मरीजों की सुरक्षा (patient safety) तथा संतुष्टि में वृद्धि होगी।
यह पहल न केवल संशोधित ISO मानकों के अनुरूप कार्य करने की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्टता और निरंतर सीखने की संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रति निरंतर समर्पण को भी रेखांकित करती है।
इस प्रशिक्षण को डॉ. संगीता गुप्ता (डीन), डॉ. अरविंद यादव (रजिस्ट्रार), डॉ. मंजिंदर कौर (अतिरिक्त प्राचार्य), डॉ. आशीष शर्मा (प्रयोगशाला निदेशक), डॉ. निशा पोरवाल (एजीएम) एवं रियंक गांगावत (डिप्टी मैनेजर, गुणवत्ता आश्वासन, प्रत्यायन एवं संचालन उत्कृष्टता विभाग) की गरिमामयी उपस्थिति ने और समृद्ध बनाया। कार्यक्रम का संचालन अदिति जैन द्वारा प्रभावी रूप से किया गया।