श्रीगंगानगर। क्षेत्रवासियों के लिए रेलवे से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई। जिसमें बठिंडा-श्रीगंगानगर ट्रैक पर मई माह से इलेक्ट्रिक ट्रेक्शन वाली रेलगाडियां दौडनी शुरू हो जाएंगी। जेडआरयूसीसी के पूर्व सदस्य भीम शर्मा के अनुसार लगभग 127 किमी लंबे इस इस रेलमार्ग के बाद हमारा संपूर्ण इलाका इलेक्ट्रिफाई हो जाएगा। श्रीगंगानगर से अन्य दिशाओं में इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें पहले से दौड़ रही है।
गौरतलब है कि इस सेक्शन पर बल्लूआना में निर्माणाधीन टीएसएस (ट्रैक्शन सब स्टेशन) का कार्य इसी माह पूरा होने जा रहा है। यह जानकारी उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री हिमांशु शेखर उपाध्याय ने भीम शर्मा को दी है। बठिंडा-श्रीगंगानगर सेक्शन पर इलैक्ट्रिक लाईनें बिछाने का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है और इसका ट्रायल भी पूरी तरह से सफल रहा है, लेकिन अबोहर-श्रीगंगानगर के बीच पॉवर की समस्या को लेकर इस ट्रैक पर बिजली इंजन वाली रेलगाडियां संचालित नहीं हो पा रही थीं।
श्री उपाध्याय के हवाले से जानकारी देते हुए श्री शर्मा ने बताया कि बल्लूआना में ट्रैक्शन सब स्टेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और यह 30 अप्रैल तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। उसके बाद यह ट्रैक हाई पॉवर से लैस हो जाएगा और मई माह से बठिंडा-श्रीगंगानगर के बीच बिजली इंजन वाली गाडियां चलनी शुरू हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि यह सुविधा शुरू होने से श्रीगंगानगर से अबोहर होते हुए दिल्ली, हरिद्वार की ओर जाने वाली गाडियों का बठिंडा में इंजन बदलने की समस्या समाप्त हो जाएगी। वहीं भविष्य में बठिंडा-श्रीगंगानगर के बीच ईएमयू पैसेजर गाडियां चलने का रास्ता भी साफ हो जाएगा। ईएमयू ट्रेनों से लोको रिवर्सल की बड़ी समस्या से रेलवे को छुटकारा मिल जाएगा।