उदयपुर। राजस्थान सिंधी अकादमी के पूर्व अध्यक्ष हरीश राजानी आगामी 10 अप्रैल को सिंधी भाषा दिवस पर नई दिल्ली के उप राष्ट्रपति भवन में भारत के संविधान के सिंधी भाषा में विमोचन समारोह में अतिथि के रूप में भाग लेंगे। केन्द्रीय विधि और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुनराम मेघवाल ने विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी को पत्र लिखकर इस समारोह में विशेष रूप से आमंत्रित किया है।
उप राष्ट्रपति सी.पी.राधाकृष्णन 10 अप्रैल को प्रातः 10.30 बजे नई दिल्ली स्थित वाईस प्रेसीडेण्ट एनक्लेव में सिंधी भाषा में भारत के संविधान का देवनागरी और फारसी लिपियों में विमोचन करेंगे। समारोह का आयोजन विधि एवं न्याय मंत्रालय के विधायी विभाग, राजभाषा खण्ड, प्रादेशिक इकाई द्वारा किया जा रहा है।
राजस्थान सिंधी अकादमी के पूर्व अध्यक्ष हरीश राजानी ने भारतीय संविधान के सिंधी भाषा में प्रकाशन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार ज्ञापित किया है। साथ ही कहा है कि विभाजन का दंश झेलने के बाद भारत आए लाखों सिंधी समुदाय के लोगों के लिए यह अवसर अपनी भाषा के प्रति गौरवान्वित होने का सुनहरा मौका है। राजानी के साथ सिंधी समाज उदयपुर के उपाध्यक्ष कमल पाहुजा और अशोक लिंजरा भी मौजूद रहेंगे
उल्लेखनीय है कि विधि और न्याय मंत्रालय विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने और भारत सरकार की आकांक्षा को पूर्ण करने के लिए प्रयत्नशील है। इस क्रम में संविधान और विधियों को लोगों तक उनकी अपनी भाषा में पहुंचाने के प्रयासों के अन्तर्गत मंत्रालय की विधायी विभाग राजभाषा खण्ड, प्रादेशिक भाषा इकाई गत कुछ वर्षों से संविधान की आठवीं अनुसूची में उल्लेखित भाषाओं का अनुवाद करने पर विशेष ध्यान दे रही है। इन्हीं प्रयासों के तहत भारतीय संविधान के सिंधी भाषा संस्करण को प्रकाशित करा कर उप राष्ट्रपति सी.पी.राधाकृष्णन के द्वारा उसका विमोचन कराया जा रहा है।