महाराणा प्रताप पर पहली स्कूली पाठ्यपुस्तक का उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी द्वारा लोकार्पण, उपमुख्यमंत्री ने की सराहना

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Published on : 10 Apr, 26 10:04

महाराणा प्रताप पर पहली स्कूली पाठ्यपुस्तक का उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी द्वारा लोकार्पण, उपमुख्यमंत्री ने की सराहना

उदयपुर/जयपुर। राजस्थान के गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के अंतर्गत डॉ. प्रदीप कुमावत द्वारा लिखित “भारत गौरव शौर्यगाथा – महाराणा प्रताप” पर आधारित देश की पहली स्कूली विद्यार्थियों की पाठ्यपुस्तक का भव्य लोकार्पण जयपुर में आयोजित एक विराट समारोह में राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी द्वारा किया गया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि यह राजस्थान और देश के लिए गर्व का विषय है कि महाराणा प्रताप जैसे महानायक की प्रेरणादायक जीवनगाथा अब बच्चों को सरल और प्रभावी भाषा में पढ़ने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि “हम भाग्यशाली हैं कि हम उस भूमि पर जन्मे हैं, जहां महाराणा प्रताप जैसे स्वाभिमानी और वीर शासक हुए, जिन्होंने पूरे विश्व में आत्मसम्मान का परचम लहराया।”
उन्होंने पुस्तक के विशेष विद्यार्थी संस्करण का लोकार्पण करते हुए कहा कि यह पाठ्यपुस्तक बच्चों में इतिहास के प्रति रुचि जगाने के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान की भावना भी विकसित करेगी।
इस अवसर पर उदयपुर स्थित आलोक विद्यालय, पंचवटी में भी विद्यार्थियों के बीच पुस्तक का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की उपस्थिति में डॉ. प्रदीप कुमावत का सम्मान भी किया गया।
डॉ. कुमावत ने अपने संबोधन में कहा कि यह पुस्तक लगभग 22 पाठों में विभाजित है, जिसमें महाराणा प्रताप के जीवन, संघर्ष और गौरवगाथा को अत्यंत सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने बताया कि पुस्तक में इतिहास से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करते हुए तथ्यों के आधार पर हल्दीघाटी युद्ध में महाराणा प्रताप की विजय को स्पष्ट किया गया है। प्रत्येक पाठ के अंत में शब्दार्थ, अभ्यास प्रश्न और रचनात्मक गतिविधियों को भी शामिल किया गया है जिससे विद्यार्थियों को विषय को समझने में आसानी होगी।
उन्होंने बताया कि यह पुस्तक  इंडियन यूनिवर्सिटी प्रेस के अनुज गुप्ता के प्रस्ताव पर तैयार की गई है, जिसे भारत गौरव फाउंडेशन के सहयोग से साकार किया गया। डॉ. कुमावत ने बताया कि इसी श्रृंखला में जल्द ही महाराणा सांगा, सम्राट अशोक, सम्राट विक्रमादित्य और पृथ्वीराज चौहान पर आधारित पुस्तकें भी विद्यार्थियों के लिए तैयार की जा रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान राजस्थान शिरोमणि सम्मान प्राप्त होने और इस ऐतिहासिक पाठ्यपुस्तक के लेखन पर डॉ. प्रदीप कुमावत का विशेष अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर कमलेंद्र सिंह पंवार, निश्चय कुमावत, प्रतीक कुमावत, शिवसिंह सोलंकी, यशवंत पालीवाल, भूपेंद्र सिंह भाटी, मनीष तिवारी, जितेश कुमावत, अनिल कुमावत, लव वर्मा, सुरेश चौहान सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


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