नारी शक्ति वंदन अधिनियम से नए युग का आगाज़

( 1000 बार पढ़ी गयी)
Published on : 12 Apr, 26 13:04

प्रदेशभर में एक साथ गूंजी महिला सशक्तिकरण की आवाज

नारी शक्ति वंदन अधिनियम से नए युग का आगाज़

उदयपुर।नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर राजस्थान भर में एक साथ प्रेस वार्ताओं का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम से पूर्व महिला मोर्चा की बैठक आयोजित हुई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही।

जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने प्रेस वार्ता का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित यह अधिनियम महिलाओं के अधिकारों को सशक्त बनाने वाला ऐतिहासिक निर्णय है। उन्होंने बताया कि आज़ादी के बाद संसद में महिलाओं की भागीदारी मात्र 4 प्रतिशत थी, जो 2019 में बढ़कर 15 प्रतिशत हुई और अब इस अधिनियम के माध्यम से पंचायत से संसद तक 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।

मुख्य वक्ता प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. अलका मुंदडा ने इसे नए युग की दस्तक बताते हुए कहा कि यह कानून महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह प्रावधान केवल प्रतिनिधित्व बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नीति निर्माण को अधिक संवेदनशील, समावेशी और प्रभावी बनाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि इस अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से महिलाएं केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं रहेंगी, बल्कि नीति निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगी। इससे शासन की प्राथमिकताओं में बदलाव आएगा, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, जल और स्वच्छता जैसे विषयों को अधिक महत्व मिलेगा।

डॉ. मुंदडा ने बताया कि पिछले एक दशक में महिलाओं के सशक्तिकरण को व्यापक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाया गया है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान ने सामाजिक सोच में सकारात्मक परिवर्तन किया है और बालिकाओं की शिक्षा में वृद्धि हुई है। वहीं सुकन्या समृद्धि योजना के माध्यम से बेटियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की गई है।

स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में भी प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और पोषण अभियान के माध्यम से महिलाओं को लाभ मिला है, जिससे मातृ मृत्यु दर में कमी और महिला स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिला है।

अंत में उन्होंने कहा कि यह अधिनियम केवल एक संवैधानिक प्रावधान नहीं, बल्कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को गति देने वाला महत्वपूर्ण कदम है। महिलाओं की नेतृत्व भूमिका से विकास अधिक समावेशी, संतुलित और टिकाऊ बनेगा।

प्रेस वार्ता का संचालन मीडिया प्रभारी डॉ. सीमा चंपावत ने किया तथा आभार महिला मोर्चा अध्यक्ष कविता जोशी ने व्यक्त किया।

कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. अलका मुंदडा, शहर जिला अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, देहात महामंत्री ललित सिंह सिसोदिया, पूर्व महापौर रजनी डांगी, शहर जिला उपाध्यक्ष हंसा माली, प्रधान प्रतिभा नागदा, मीडिया प्रभारी डॉ. सीमा चंपावत, प्रदेश महिला मोर्चा पदाधिकारी सोनिका जैन, महिला मोर्चा अध्यक्ष कविता जोशी सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

आगामी कार्यक्रमों के तहत नारी शक्ति सम्मेलन, दोपहिया वाहन रैली, नुक्कड़ नाटक, विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में लेख प्रकाशन तथा जनसमर्थन के लिए मिस कॉल अभियान चलाए जाने की जानकारी दी गई। सोशल मीडिया पर #NariShaktiVandan के माध्यम से जनजागरण का आह्वान किया गया।


साभार :


© CopyRight Pressnote.in | A Avid Web Solutions Venture.