राजस्थान विधानसभा को आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी निकली फर्जी, सुरक्षा एजेंसियों की सघन जांच के बाद स्थिति सामान्य

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Published on : 13 Apr, 26 17:04

जी एन भट्ट 

राजस्थान विधानसभा को आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी निकली फर्जी, सुरक्षा एजेंसियों की सघन जांच के बाद स्थिति सामान्य

जयपुर । राजस्थान विधानसभा को आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी  फर्जी निकली है और सुरक्षा एजेंसियों की सघन जांच के बाद अब स्थिति सामान्य है।

राजस्थान विधानसभा को ईमेल के माध्यम से आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना पर राजस्थान विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मामले की जानकारी तत्काल राज्य के पुलिस महानिदेशक को दी। साथ ही स्पीकर देवनानी ने लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखी। उन्होंने विधानसभा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए उनका मनोबल बढ़ाये रखा। 

विधानसभा परिसर को एहतियातन खाली कराया गया तथा बम निरोधक दस्ता एवं विशेष पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर सघन जांच की। देवनानी ने बताया कि विधानसभा परिसर की चैंकिग एण्टी सबोटाज चैक टीम द्वारा आवश्यक उपकरणों की सहायता से की गई। उन्होंने बताया कि एण्टी सबोटाज चैक के दौरान विधानसभा परिसर में किसी भी प्रकार का कोई विस्फोटक पदार्थ और आपत्तिजनक वस्तु नहीं पाई गई।  देवनानी ने बताया कि पुलिस आयुक्तालय की एण्टी सबोटाज चैक टीम के प्रभारी द्वारा इस संबंध में विधान सभा को प्रमाण-पत्र भी दिया गया है।

श्री देवनानी ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पूरे विधानसभा परिसर की गहन और तकनीकी जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि धमकी पूरी तरह फर्जी थी। किसी भी प्रकार का विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं पाई गई। जांच पूरी होने के बाद विधान सभा सचिवालय के अधिकारी व कर्मचारी पुनः अपने कार्यस्थलों पर लौट आए हैं और स्थिति सामान्य हो गई है।

विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने बताया कि ई मेल में जो सामग्री लिखी गई है, उसका राजस्थान विधान सभा से कोई संबंध नहीं है। उन्होने कहा कि ईमेल में कुछ असंबंधित और भ्रामक बातें लिखी गई थी, जैसे किसी भी ब्राह्मण को डीएमके में शामिल नहीं होना चाहिए... श्री एस.वी. शेखर के डीएमके में शामिल होने का उल्लेख करते हुए विधानसभा को उड़ाने की धमकी दी गई। श्री देवनानी ने कहा कि इस प्रकार का ई-मेल भ्रामक है।

देवनानी ने कहा कि ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर एजेंसियां जांच कर रही हैं। उन्होंने बताया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकार की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।


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