मुंबई : सोनी सब अपने कहानी कहने के कैनवास को और बड़ा करते हुए लेकर आ रहा है एक पौराणिक शो हस्तिनापुर के वीर, जो पांडवों के शुरुआती वर्षों और उनके बनने की गाथा को प्रदर्शित करेगा। इस शो में भावनाओं और गहराई को जोड़ते हुए मशहूर अभिनेत्री तोरल रसपुत्र कुंती का अहम् किरदार निभाने जा रही हैं। कुंती एक ऐसी माँ है, जिसकी ताकत, त्याग और मौन संघर्ष उसके बेटों की किस्मत तय करते हैं।
अपनी दमदार अदाकारी और परतदार किरदारों को जीवंत करने की क्षमता के लिए पहचानी जाने वालीं तोरल, अब पौराणिक कथाओं की सबसे सम्मानित और जटिल पात्रों में से एक के रूप में कदम रख रही हैं। कुंती एक मजबूत और संयमित माँ हैं, जिनका व्यक्तित्व दृढ़ता और शांत शक्ति से बना है। वे अपने बेटों को अनुशासन, जिम्मेदारी और धर्म की शिक्षा देती हैं। कठिनाइयों से बचाने के बजाए वे उन्हें सिखाती हैं कि सही रास्ता चुनना आसान रास्ते से ज्यादा जरूरी है। अपने बच्चों के लिए वे ताकत की स्तंभ भी हैं और उम्मीदों का मौन चेहरा भी। उनके शांत बाहरी रूप के पीछे एक गहरी भावनात्मक दुनिया है, जो उन सच्चाइयों से बनी है, जिन्हें वे अपने भीतर संजोए रखती हैं। उनकी मौजूदगी कहानी में गहराई, तीव्रता और भावनाओं की लहरें जोड़ती है, जो आसपास के किरदारों की यात्रा को प्रभावित करती हैं। वे इस विश्वास को जीती हैं कि बच्चों को दुनिया के लिए तैयार करना उन्हें उससे बचाने से ज्यादा अहम् है।
अपने किरदार के बारे में बात करते हुए, तोरल रसपुत्र ने कहा, “कुंती एक ऐसा किरदार है, जो मुझे हमेशा से आकर्षित करता रहा है। मुझे सबसे ज्यादा इस बात ने अपनी ओर खींचा कि मैं उसे एक माँ के रूप में दिखा सकूँ। उसकी चिंताएँ, उसके त्याग और उस भावनात्मक बोझ को बखूबी दर्शा सकूँ, जो वह अपने बेटों को एक जटिल और अक्सर कठोर दुनिया में पालते हुए उठाती है। हर चुनौती को वह गरिमा और शालीनता से संभालती है और मैं इसे स्क्रीन पर उतारने के लिए उत्साहित हूँ। यह किरदार एक बड़ी विरासत के साथ आता है और मैं चाहती हूँ कि उसकी कहानी आज के दर्शकों तक इस तरह पहुँचे कि वे उससे जुड़ सकें।”
हस्तिनापुर के वीर दर्शकों को महाभारत का एक नया और भावनाओं से भरपूर नजरिया देगा, जहाँ फोकस सिर्फ युद्धों पर नहीं, बल्कि उन रिश्तों और फैसलों पर होगा, जिन्होंने इन महान किरदारों को गढ़ा।
देखना न भूलें हस्तिनापुर के वीर, जल्द ही सिर्फ सोनी सब पर।