उदयपुर में 'काव्यांजलि' का भव्य आयोजन: तीन दिवसीय साहित्यिक अनुष्ठान में उमड़ा साहित्यकारों का संगम

( 1005 बार पढ़ी गयी)
Published on : 14 Apr, 26 18:04

उदयपुर में 'काव्यांजलि' का भव्य आयोजन: तीन दिवसीय साहित्यिक अनुष्ठान में उमड़ा साहित्यकारों का संगम

उदयपुर । भारत के हृदय कहलाने वाले राजस्थान की ऐतिहासिक धरा और झीलों की नगरी उदयपुर में  'अहं ब्रह्मास्मि~ नव उद्घोष फाउंडेशन' के तत्त्वावधान में तीन दिवसीय भव्य साहित्यिक अनुष्ठान का सफल आयोजन किया गया। इस आयोजन के दौरान वैचारिक चर्चा, मैत्री सम्मिलन, 'काव्यांजलि' और ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण ने देश भर से आए साहित्यकारों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
हिंदी भाषा, साहित्य एवं सनातन संस्कृति के प्रति प्रतिबद्ध 'अहं ब्रह्मास्मि~नव उद्घोष फाउंडेशन' संस्था ने  साहित्यिक अनुष्ठानों की श्रृंखला में  नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए भारत भू के हृदय में विराजमान गौरवशाली ऐतिहासिक वीर-परंपरा की साक्षी उदयपुर की धरती पर नगर के प्राचीनतम शैक्षणिक संस्थान जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ उदयपुर के कंप्यूटर विभाग के ऑडिटोरियम में काव्य प्रस्तुतियों की सुंदर अभिव्यक्ति 'काव्यांजलि' का आयोजन किया, यह कार्यक्रम 'अहं ब्रह्मास्मि नव उद्घोष फाउंडेशन' गुरुग्राम  तथा 'जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ' उदयपुर के संयुक्त तत्त्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम की संकल्पना, संयोजन व आयोजन अहं ब्रह्मास्मि नव उद्घोष फाउंडेशन की संस्थापिका अध्यक्ष दीपशिखा श्रीवास्तव'दीप' तथा संस्था के निदेशक व कोषाध्यक्ष नीरज श्रीवास्तव के द्वारा की गई व अथक प्रयास रहा संस्था के संरक्षक राजपाल यादव, महासचिव रेणु मिश्रा रतन तथा महासचिव अंजलि श्रीवास्तव का, साथ ही जिसमें उदयपुर के जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ के कंप्यूटर विभाग के सह आचार्य तथा सुप्रसिद्ध लघुकथाकार चंद्रेश कुमार छतलानी, सुप्रतिष्ठित उद्यमी व वरिष्ठ लघुकथाकार नीरज जैन तथा अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवयित्री व तनिमा संस्था की संस्थापिका शकुंतला सरूपरिया का अमूल्य सहयोग प्राप्त हुआ।
 प्रथम दिवस 10 अप्रैल 2026 को, परस्पर संबंधों को प्रगाढ़ करने हेतु उदयपुर की अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवयित्री व पत्रकार शकुंतला सरूपरिया के स्नेहिल आमंत्रण पर उनके निवास स्थान पर अहं ब्रह्मास्मि~नव उद्घोष फाउंडेशन की संस्थापिका अध्यक्ष दीपशिखा श्रीवास्तव'दीप' व उनके साथ गुरुग्राम से पधारे लगभग बीस साहित्यकारों एवं उदयपुर के अनेक साहित्यकारों का सम्मिलन, वैचारिक चर्चा व काव्य प्रस्तुतियों का अत्यंत सरस अनौपचारिक सम्मिलन संपन्न हुआ।
द्वितीय दिवस में  'अहं ब्रह्मास्मि~नव उद्घोष फाउंडेशन 'तथा 'जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ' के संयुक्त तत्त्वावधान में विद्यापीठ के कंप्यूटर विभाग के ऑडिटोरियम में एक भव्य काव्य समारोह 'काव्यांजलि' का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में जहां कुलपति महोदय प्रो. शिव सिंह सारंगदेवोत का मार्गदर्शन रहा वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता 'अहं ब्रह्मास्मि~नव उद्घोष फाउंडेशन' की संस्थापिका अध्यक्ष दीपशिखा श्रीवास्तव'दीप' ने की तथा मुख्य अतिथि के रूप में जोगणियां माता ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमान सत्यनारायण जोशी ने कार्यक्रम को मान प्रदान किया।
साथ ही अति विशिष्ट अतिथि के रूप में सुप्रसिद्ध कवयित्री व पत्रकार शकुंतला सरूपरिया जी, विशिष्ट अतिथि के रूप में सुप्रतिष्ठित उद्यमी व वरिष्ठ लघुकथाकार नीरज जैन,  कलमकार मंच के राष्ट्रीय संयोजक निशांत मिश्रा तथा राष्ट्रीय कवि व संचालक दिनेश सिंदल जी की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के चरणों में पुष्पांजलि अर्पित कर तथा दीप प्रज्वलित कर किया गया तत्पश्चात् अंजलि श्रीवास्तव द्वारा मधुर सरस्वती वंदना का गायन किया गया। कार्यक्रम का सुंदर संचालन संस्था के संरक्षक राजपाल यादव द्वारा किया गया तथा संपूर्ण तकनीकी सहयोग मास्टर द्विज श्रीवास्तव द्वारा प्राप्त हुआ।
जहां सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, माला, मोमेंटो सर्टिफिकेट,डायरी-पेन, व संस्था की पत्रिका प्रदान कर सम्मानित किया गया वहीं सभी उपस्थित साहित्यकारों को अंगवस्त्र, माला व सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उदयपुर जोधपुर जयपुर चित्तौड़गढ़, गुरुग्राम व दिल्ली से उपस्थित सभी कवि, कवयित्रियों काव्यप्रेमियों ने अपनी रसमय काव्य प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को दिव्यता प्रदान की। कार्यक्रम में अलवर,दिल्ली व गुरुग्राम  से राजपाल यादव, रेणु मिश्रा रतन, अंजलि श्रीवास्तव, द्विज श्रीवास्तव, अर्श श्रीवास्तव, कुमकुम कपूर, विनय कुमार, सविता स्याल, मीना चौधरी, प्रेमलता चौधरी, मनोरमा, अनीता तिवारी, प्रिवंशी चारण, ऋतंभरा मिश्रा, योगेन्द्र मिश्रा, सुरेंद्र मनचंदा व डॉली अग्रवाल एवं  चित्तौड़गढ़ जोधपुर जयपुर तथा उदयपुर से दिनेश सिंदल, निशांत मिश्रा, नीरज जैन, प्रह्लाद मराठा, एकता जैन, डॉ संजीव जैन, डॉ उपवन पांड्या, योगेंद्र कुमार सिंघल, ब्रजराज सिंह जगावत, स्नेहा माहेश्वरी, अभिनव, हंसा रविंद्र, डॉ गोपाल राज गोपाल, आरती शर्मा, वंदना योगी, बिलाल पठान आदि साहित्यकारों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति व सार्थक उपस्थिति से कार्यक्रम को गौरवान्वित किया। नाथद्वारा मंदिर में श्रीनाथ जी का एवं हल्दीघाटी की पावन धरा के दर्शन कर इस आयोजन को संपूर्णता प्राप्त हुई।
यह आयोजन न केवल काव्य प्रस्तुतियों का मंच बना, बल्कि विभिन्न शहरों के साहित्यकारों के बीच वैचारिक सेतु के रूप में भी उभरा।


साभार :


© CopyRight Pressnote.in | A Avid Web Solutions Venture.