सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की रोकथाम के लिये नियमित साझा करें सूचनाएं

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Published on : 15 Apr, 26 18:04

नार्को कोर्डिनेशन सेन्टर तंत्र की जिला स्तरीय बैठक में जिला कलक्टर ने दिये निर्देश

सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की रोकथाम के लिये नियमित साझा करें सूचनाएं

श्रीगंगानगर। नार्को कोर्डिनेशन सेन्टर तंत्र की जिला स्तरीय कमेटी की बैठक बुधवार को जिला कलक्टर डाॅ. अमित यादव की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इस दौरान जिला कलक्टर ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी और ड्रोन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिये पुलिस, बीएसएफ सहित अन्य एजेंसियां समन्वय से कार्य करते हुए नियमित सूचनाएं साझा करें।
बैठक में जिला कलक्टर ने कहा कि सूचनाएं साझा करने के साथ-साथ संबंधित एजेंसियां आवश्यक कार्यवाही भी करें ताकि मादक पदार्थों की तस्करी और ड्रोन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण हो सके। मादक पदार्थों के निर्माण से जुड़े पक्षों पर भी सख्त कार्यवाही की जाये। आमजन को इनके दुष्प्रभावों से अवगत करवाते हुए विद्यार्थियों और युवाओं को नशे से बचाने के लिये जागरूकता गतिविधियां नियमित रूप से की जायें।
जिले में नशे से जुड़ी गतिविधियों की रोकथाम में सीसीटीवी कैमरों की भूमिका को रेखांकित करते हुए जिला कलक्टर ने पुलिस विभाग को आवश्यक निर्देश दिये। जिले में नशा मुक्ति के लिये जारी गतिविधियों में आमजन की सहभागिता को आवश्यक बताते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि मेडिकल स्टोर्स पर बिना चिकित्सीय पर्ची के सीरिंज-निडल दवा की बिक्री नहीं होना सुनिश्चित किया जाये।
जिला कलक्टर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिले की समस्त शिक्षण संस्थाओं में विद्यार्थियों को नशे के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें खेलों से जोड़ने के लिये गतिविधियां संचालित की जायें। नशा छोड़ने के लिये आने वाले रोगियों के नियमित फीडबैक के लिये स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि नशे का कारोबार करने वालों की सूचनाएं पुलिस को दी जायें ताकि उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही हो सके। उन्होंने आमजन से भी इसमें सहयोग का आह्वान किया।
जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरीशंकर ने भी जिले में मादक पदार्थों की तस्करी की रोकथाम के लिये पुलिस, बीएसएफ सहित अन्य एजेंसियों के सहयोग को आवश्यक बताते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियों के विरूद्ध लगातार कार्यवाहियां की जायें। निरन्तर सूचनाओं और समन्वय के माध्यम से ही प्रभावी कार्यवाही संभव है। समस्त एजेंसियां व विभाग मिलकर कार्य करेंगे तो सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।
बैठक में एडीएम सतर्कता श्रीमती रीना, जिला परिषद सीईओ श्री गिरधर, प्रशिक्षु आईएएस श्रीमती अदिति यादव, श्रीमती शिवा चैधरी, श्री धीरज चावला, श्री अशोक मित्तल, डाॅ. अजय सिंगला, डाॅ. सुखपाल बराड़, श्री सन्नी प्रताप त्रिपाठी, श्री भीमसेन स्वामी, श्री अरविन्द्र सिंह, श्री विरेन्द्र सिंह, डाॅ. चरणजीत सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।


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