मुख्यमंत्री की संवेदनशील पहल से वरिष्ठ नागरिकों को मिल रहा तीर्थ दर्शन का लाभ

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Published on : 15 Apr, 26 18:04

आस्था, सम्मान और सेवा का संगम बनी राज्य सरकार की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना

मुख्यमंत्री की संवेदनशील पहल से वरिष्ठ नागरिकों को मिल रहा तीर्थ दर्शन का लाभ

श्रीगंगानगर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की संवेदनशील पहल से वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ दर्शन का लाभ मिल रहा है। राजस्थान सरकार द्वारा संचालित वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना राज्य के बुजुर्गों के लिए एक संवेदनशील पहल के रूप में उभरकर सामने आई है। इस योजना का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराकर उनके जीवन में आध्यात्मिक संतुलन, मानसिक शांति और संतोष का अनुभव कराना है।
खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है, जो बिना किसी वित्तीय चिंता के अपनी धार्मिक आस्था को साकार कर पा रहे हैं। माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा द्वारा बजट घोषणा के अंतर्गत इस वर्ष 56 हजार यात्रियों का चयन किया जाएगा, जिसमें 50 हजार यात्री रेल मार्ग से तथा 6 हजार यात्रियों को हवाई यात्रा के माध्यम से तीर्थ यात्रा करवाई जाएगी। यात्रा के दौरान यात्रियों को निःशुल्क भोजन, आवास, चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे उनकी यात्रा सुखद और सुविधाजनक बनती है।
वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना को प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने सुव्यवस्थित चयन प्रक्रिया अपनाई है। इच्छुक आवेदक ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं जबकि पात्र लाभार्थियों का चयन लॉटरी प्रणाली के जरिए किया जाता है, जिससे सभी को समान अवसर मिल सके। योजना में सामान्यतः 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के राजस्थान के मूल निवासियों को शामिल किया जाता है। पूरी यात्रा के दौरान प्रशिक्षित स्टाफ, मेडिकल टीम और प्रशासनिक समन्वय के माध्यम से बुजुर्गों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाता है। सरकार द्वारा विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर यात्रा संचालन को सुचारु, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया गया है, जिससे योजना के प्रति लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
इस योजना के माध्यम से हर वर्ष हजारों वरिष्ठ नागरिक हरिद्वार, वाराणसी, रामेश्वरम और द्वारका जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कर रहे हैं। तीर्थ यात्रा के बाद बुजुर्गों के चेहरे पर दिखाई देने वाली संतुष्टि और खुशी इस योजना की सफलता की सबसे बड़ी पहचान है। यह पहल न केवल धार्मिक अनुभव प्रदान करती है बल्कि बुजुर्गों को समाज में सम्मान और आत्मसम्मान का एहसास भी कराती है। साथ ही यह योजना नई पीढ़ी को भी यह संदेश देती है कि वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान और उनकी भावनाओं का ख्याल रखना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना राज्य सरकार की एक दूरदर्शी और मानवीय पहल है, जो ‘सेवा, सम्मान और आस्था‘ के मूल्यों को साकार करती है।


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