“छप्पन भोग से प्रसन्न होते हैं 33 करोड़ देवताः बलिचा गौशाला में आस्था

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Published on : 16 Apr, 26 14:04

सेवा और संस्कृति का भव्य संगम

“छप्पन भोग से प्रसन्न होते हैं 33 करोड़ देवताः बलिचा गौशाला में आस्था


उदयपुर, श्री गुरु चंद्रोशन गौ सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में 108 गौशालाओं में चल रहे देश के अनूठे छप्पन भोग अभियान के अंतर्गत बलिचा स्थित पशुपति कल्याण गौशाला में तृतीय छप्पन भोग का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गौसेवा, श्रद्धा और भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम संयोजक स्वीटी जैन पोरवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी अतिथियों का स्वागत संस्थापक संजय जैन द्वारा शब्दों के माध्यम से किया गया। इसके पश्चात अतिथियों का माला, उपरणा एवं पगड़ी पहनाकर सम्मान किया गया तथा गौमाता की विधिवत आरती संपन्न हुई।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं समाजसेवी भूपेंद्र श्रीमाली ने कहा कि गौमाताओं को छप्पन भोग अर्पित करने से 33 करोड़ देवी-देवता प्रसन्न होते हैं। उन्होंने इसे धार्मिक आस्था के साथ-साथ समृद्धि और कृतज्ञता का प्रतीक बताया। मुख्य अतिथि डॉ. श्याम एस. सिंघवी ने अपने उद्बोधन में कहा कि छप्पन भोग का उद्देश्य दिखावा नहीं, बल्कि सच्ची श्रद्धा और सेवा भाव है, जिससे गौसेवा का सर्वोच्च पुण्य प्राप्त होता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राजस्थान गौरव एवं ब्रांड एंबेसडर डॉ. जिनेंद्र शास्त्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौमाता को मातृत्व, करुणा और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। उन्होंने कहा कि गौमाता हमें दूध, घी, गोबर और गोमूत्र जैसे अमूल्य संसाधन प्रदान करती हैं, इसलिए छप्पन भोग अर्पित करना उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
विशिष्ट अतिथि दिनेश भट्ट ने कहा कि छप्पन भोग अर्पित करने की प्रक्रिया व्यक्ति को अहंकार, वासनाओं और आसक्तियों से दूर कर संयम, त्याग और आत्मिक शुद्धि की ओर अग्रसर करती है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय कवि अजात शत्रु ने गौमाता पर आधारित कविता प्रस्तुत की, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा। कार्यक्रम में भूपेंद्र सिंह चुण्डावत, मुकेश जैन, तरुण शर्मा, हेमंत वैष्णव, राजू चारण, अमित भास्कर, लता औदिच्य, हेमंत गर्ग, तनिष्क जैन, दक्ष जैन सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।


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