उदयपुर। सर्वोच्च न्यायालय की मध्यस्थता और सुलह परियोजना समिति के तत्वावधान में सदस्य सचिव राजस्थान विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश ज्ञानप्रकाश गुप्ता के निर्देशों के क्रम में मध्यस्थगण हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
एडीजे कुलदीप शर्मा ने बताया कि मध्यस्थगण हेतु आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में न्यायाधीश पाक्सो न्यायालय क्रम संख्या 2 भीलवाड़ा अर्चना मिश्रा, ऐडीजे क्रम संख्या 1 उदयपुर मनीष कुमार वैष्णव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट उदयपुर अम्बिका सोलंकी, प्रशिक्षित मध्यस्थ एवं अधिवक्ता जोधपुर प्रमिला आचार्य मचासीन रहे।
न्यायाधीश पाक्सो न्यायालय क्रम संख्या 2 भीलवाड़ा अर्चना मिश्रा एवं प्रशिक्षित मध्यस्त एवं अधिवक्ता जोधपुर प्रमिला आचार्य द्वारा मध्यस्था की बारीकिया बताई। मयस्थता केंद्र में प्रकरण रेफर होने से लेकर प्रकरण का मध्यस्थता के माध्यम से निस्तारण होने तक की पूरी प्रक्रिया के बारे में बताया गया। रोल प्ले भी करवाया जाकर मध्यस्था के माध्यम से पक्षकर्रो क़ो संतुष्ट करने के बाद प्रकरण का निस्तारण किया जाने की बारीकीयों के बारे में भी बताया गया।
मध्यस्थतगण हेतु आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में उदयपुर जिले के 38, भीलवाड़ा के 29, सलूम्बर के 1, सिरोही के 11 अधिवक्तागण ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त भीलवाड़ा के एक सेवानिवृत न्यायिक अधिकारी एवं सलूम्बर जिले में पदस्थापित एक न्यायिक अधिकारी ने भी प्रशिक्षण प्राप्त किया।