बांसवाड़ा | राजस्थान सरकार द्वारा आए दिन नवाचार के नाम पर अवकाश में कटौती करने के चलते राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम द्वारा आन्दोलन के द्वितीय चरण में जिला मुख्यालय पर काले आदेशों की होली जलाई हुए शिक्षा मंत्री की एक तरफा दमनकारी नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए जिला प्रशासन के मार्फत ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम दिया गया।
जिला अध्यक्ष नवीन कुमार जोशी ने बताया कि राज्य सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा ग्रीष्मावकाश में 10दिन की कटौती की गई है और आए दिन नवाचार ओर गैर शैक्षणिक कार्यों में अवकाश में भी शिक्षकों से बेगार लेता रहा है जोकि निन्दनीय और प्राकृतिक न्याय सिद्धान्त के विरुद्ध है यदि शिक्षकों के अवकाश अधिकारियों को खटकते है तो सम्पूर्ण ग्रीष्मावकाश की जगह उपार्जित अवकाश प्रदान करने चाहिए।
जिला मंत्री महिपाल भुता ने बताया कि जनगणना पशु गणना, एस आई आर , मतदाता सूची निर्माण आदि विभिन्न सर्वे रूपी गैर शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों की भागीदारी अधिक बढ़ती जा रही हैं यहां तक कि राजस्थान भर में दूरस्थ ग्रामीण अंचल में पगडंडियों पहाड़ियों पर मकान सूची निर्माण में एकल महिला शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है तो उन महिलाओं की सुरक्षा कौन करेगा अतः अवकाश काल में महिला शिक्षकों की ड्यूटी निरस्त की जानी चाहिए़।
इस अवसर पर प्रदेश मंत्री नानूराम डामोर ने बताया कि
टीएसपी परिक्षेत्रों में सरकारी विद्यालयों की हालत खस्ताहाल है कभी भी कोई हादसा हो सकता हैं प्रशासन गम्भीर नहीं है कभी भी कोई बढ़ा हादसा झालावाड़ के पिपरोली जैसा वागड़ अंचल में भी हो सकता है।
डामोर ने बताया कि प्रशासन ओर शिक्षा विभाग अधिकारियों द्वारा 7सर्वे,14आदेश ओर नव बार जर्जर शाला भवनो की सूचनाएं संकलित की जा चुकी है किन्तु किसी सरकारी स्कूलों चाहे प्राथमिक विद्यालय,मिडिल स्कूल, राउमावि सहित सभी सरकारी स्कूलों में एक नया मरम्मत नवनिर्माण के नाम से कोई राशि आवंटित नहीं की गई
केवल कागजों में सर्वे भवन जांच के नाम पर लोटाफेरी हो रही है जबकि तकनीकी डिग्री कौशल ज्ञान के अभाव में पीओ प्रधानाचार्य से विद्यालय सुरक्षित होने के प्रमाण पत्र मांगा जा रहा हैं । अतः इन काले आदेशों की जिला मुख्यालय पर होली जलाई जाना बहुत जरूरी हैं और प्रशासन को चेतावनी ज्ञापन के माध्यम से राज्य सरकार को कुंभकर्णी नींद से जगाया जाना जरूरी हैं।
वक्ताओं ने सम्बोधित करते हुए कहा कि तृतीय वेतन श्रृंखला अध्यापक 8 साल से ट्रांसफर के इंतजार में है और 7 साल से पदोन्नतियां रुकी हुई हैं जबकि डिजायर पद्धति से ट्रान्सफर किए जा रहे हैं जोकि वर्तमान राष्ट्रवादी सरकार के कथनी और करनी में विभेद को बताती है
वक्ताओं ने शिक्षा विभाग में डेढ़ लाख विभिन्न संवर्ग के पद रिक्त हैं वहीं दस साल से 6785 स्कूलों को क्रमोन्नत तो किया जाता रहा हैं किन्तु व्याख्याताओं के विषय वार कुल 22 000 पद सृजित नहीं किए गए हैं तृतीय श्रेणी शिक्षकों द्वारा व्याख्याताओं का कार्य करवाया जा रहा है और ओर कालांश लेने के नियम ताक में रख दिए हैं व्याख्याता का कार्य करने वाने तृतीय वेतन श्रृंखला अध्यापक को जबरन 54 कालांश लेने के लिए बाध्य किया जा रहा हैं जोकि विधि विपरीत है।इसी तरह द्वितीय श्रेणी शिक्षकों की हाल की पदोन्नतियों में टीएसपी परिक्षेत्र आरक्षण नहीं दिया गया है अतः टीएसपी परिक्षेत्र भत्ता दिए जाने न्याय संगत है।
वक्ताओं ने सम्बोधित करते हुए कहा कि पदोन्नति काउंसलिंग में
टीएसपी परिक्षेत्र के सभी रिक्त पदों को घोषित किया जाना चाहिए। ओर स्थानीय टीएसपी परिक्षेत्र के शिक्षकों को भर्ती ओर पदोन्नति में आरक्षण दिया जाना चाहिए।
क्योंकि राजस्थान के दूसरे जिलों के बेरोजगार युवाओं द्वारा फर्जीवाड़ा करके टीएसपी परिक्षेत्रों में नौकरी प्राप्त कर दो से तीन साल में स्थानांतरण से अपने जिले में चले जाते है और यहां पर पद खाली के खाली ही रहते है जिससे दोहरी मार क्षेत्र वासियों को पढ़ती है एक ओर शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार नहीं मिलता वही बाहरी के वापस चले जाने से पद पुनः खाली हो जाते है।
ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वालों में अरुण व्यास,गगन उपाध्याय,महेश पाटीदार नीरज पाटीदार,श्रीपाल जैन डाया लाल यादव,बदन लाल डामोर,देवेंद्र कुमार बागड़ियां,राजेश रावल,देवीलाल पाटीदार,कालू सिंह डामोर, अमृत लाल निनामा , गजेन्द्र व्यास, महिला मंत्री श्रीमति खुश लता भट्ट,महिपाल भाटिया,सहित विभिन्न उपशाखाओं के पदाधिकारी मौजूद थे।
इधर राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम की घाटोल इकाई ने शिक्षा अधिकारी अरुण व्यास की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष पूंजी लाल जी को ज्ञापन देकर बालिका शौचालय मूत्रालय,चार दिवारी सहित कक्षा कक्ष निर्माण करने, प्रयोग शाला भवन निर्माण करने मरम्मत बज़ट आवंटन करने सहित 83 सूत्री मांगों का ज्ञापन हिम्मत सिंह के गड़ा में दिया।
जिस पर भाजपा जिला अध्यक्ष पूंजी लाल जी ने सीएसआर मद या विभिन्न मदो में जर्जर शाला भवनो को प्राथमिकता से मरम्मत नवनिर्माण करवाने का आश्वासन दिया।