नई दिल्ली। बिजनेस सर्कल इंटरनेशनल (बीसीआई) के दिल्ली चैप्टर की दूसरी आधिकारिक बैठक कनॉट प्लेस स्थित द इम्पीरियल स्पाइस में बड़े उत्साह और गरिमामय वातावरण के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।
दोपहर 3:00 बजे से 6:00 बजे तक आयोजित इस महत्वपूर्ण बिज़नेस मीटअप में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े व्यवसायी, स्टार्टअप फाउंडर्स, प्रोफेशनल्स और उद्यमियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत संबोधन के साथ हुई, जिसके बाद प्रतिभागियों को एक-दूसरे से परिचित होने और अपने व्यवसाय के बारे में बताने का अवसर मिला।
बीसीआई के फाउंडर एंड चेयरमैन मुकेश माधवानी ने इस अवसर पर कहा कि दिल्ली जैसे बड़े व्यापारिक केंद्र में इस तरह की मीटिंग्स का सफल आयोजन बीसीआई के विज़न को और मजबूती देता है।
उन्होंने बताया कि बीसीआई का लक्ष्य देशभर में एक ऐसा नेटवर्क तैयार करना है, जहां हर सदस्य को ग्रोथ, गाइडेंस और अवसर मिल सके। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि “जब सही लोग एक मंच पर आते हैं, तो नए विचार और नए अवसर अपने आप पैदा होते हैं।”
दिल्ली चैप्टर के प्रेसिडेंट डॉ. अनुपम गुप्ता ने बैठक को लेकर कहा कि बीसीआई केवल एक नेटवर्किंग ग्रुप नहीं, बल्कि एक ग्रोथ-ड्रिवन कम्युनिटी है। उन्होंने बताया कि मीटिंग के दौरान कई प्रतिभागियों के बीच संभावित बिज़नेस कोलैबोरेशन की चर्चा होती है, जो आने वाले समय में बेहतर परिणाम दे सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के आयोजनों से सदस्यों को न केवल अपने व्यवसाय को विस्तार देने में मदद मिलती है, बल्कि वे एक-दूसरे से सीखकर अपने स्किल्स को भी बेहतर बना सकते हैं।
सचिव सीमा वार्ष्णेय ने बताया कि इस बार गेस्ट पार्टिसिपेशन को भी काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला। कई नए लोगों ने पहली बार बीसीआई के प्लेटफॉर्म को अनुभव किया और भविष्य में जुड़ने की इच्छा जताई। उन्होंने बताया कि गेस्ट्स को भी नेटवर्किंग से भरपूर लाभ मिला और उन्होंने इस तरह के आयोजनों की सराहना की।
कोषाध्यक्ष प्रमोद धनखड़ ने बताया कि बैठक के दौरान मेंबरशिप को लेकर भी उत्साह देखने को मिला। कई प्रतिभागियों ने बीसीआई की मेंबरशिप में रुचि दिखाई, जिसके तहत उन्हें सालभर 12 बिजनेस मीटिंग्स और 12 वर्कप्लेस विज़िट्स का लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि यह मॉडल सदस्यों को निरंतर सीखने, जुड़ने और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने का अवसर देता है।
कार्यक्रम के दौरान इंटरएक्टिव नेटवर्किंग सेशंस, बिज़नेस प्रेजेंटेशन्स और ओपन डिस्कशन ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। प्रतिभागियों ने न केवल अपने कॉन्टैक्ट्स का विस्तार किया, बल्कि कई नए आइडियाज और संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया। बैठक के अंत में सभी ने इस पहल की सराहना की और इसे नियमित रूप से जारी रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस अवसर पर सीमा वार्ष्णेय, प्रमोद धनखड़, अमित राजपूत, चिराग मोडे, डॉ. अभिलाष चावला, शरद नांगिया, डॉ. आर. के. गुप्ता, अरविंद यादव, एडवोकेट सुधांशु त्रिवेदी आदि पस्थित रहे।