मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की अनूठी पहल, मानसिक स्वास्थ्य को समर्पित ‘राज-ममता’ कार्यक्रम

( 500 बार पढ़ी गयी)
Published on : 21 Apr, 26 17:04

प्रदेश के हर जिले में स्थापित होंगे ‘मेंटल हेल्थ केयर सेल’

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेशवासियों के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। ‘विकसित राजस्थान-2047’ के विजन को साकार करने के क्रम में ‘सभी के लिए मानसिक स्वास्थ्य’ के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में ’राज-ममता’ कार्यक्रम की घोषणा की गई थी। हाल ही में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर ’राज-ममता’ (राजस्थान मेंटल अवेयरनेस, मॉनिटरिंग एंड ट्रीटमेंट फोर ऑल) कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा नेशनल टेली मेंटल हेल्थ प्रोग्राम ’टेली मानस’ का भी प्रदेशभर में प्रभावी संचालन किया जा रहा है।

इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेशवासियों को मानसिक संबल प्रदान करने के साथ ही अवसाद एवं तनाव जैसी समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। सरकार की इस पहल से राजस्थान मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में देश के एक ‘मॉडल राज्य’ के रूप में उभरने की ओर अग्रसर है।

*जयपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और जिला स्तर पर सुदृढ़ीकरण*
इस नवाचार के अंतर्गत जयपुर में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन मेंटल हेल्थ’ की स्थापना की जा रही है। यहां अत्याधुनिक काउंसलिंग और टेली-मेडिसिन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों के लोगों को भी विशेषज्ञों की सलाह मिल सकेगी। साथ ही, प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर ‘मेंटल हेल्थ केयर सेल’ स्थापित किए जाएंगे, ताकि नागरिकों को अपने ही जिले में विशेषज्ञ परामर्श, पुनर्वास और उपचार सुलभ हो सके।

*टेली-मानस, संकट के समय त्वरित सारथी*
मानसिक तनाव या अवसाद से जूझ रहे लोगों की तुरंत सहायता के लिए संचालित ‘टेली-मानस’ (14416 और 18008914416) कार्यक्रम राजस्थान में अत्यंत सफल साबित हो रहा है। अब तक प्रदेश में कुल 71 हजार से अधिक लोगों ने इन टोल-फ्री नंबरों के जरिए परामर्श लिया है।

*युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान*
‘राज-ममता’ कार्यक्रम के तहत युवाओं में बढ़ते तनाव और आत्महत्या जैसी प्रवृत्तियों को रोकने के लिए शिक्षण संस्थानों में विशेष काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे। जमीनी स्तर पर जागरूकता फैलाने के लिए स्वास्थ्य मित्रों और आशा सहयोगिनियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि प्रारंभिक स्तर पर ही मानसिक रोगों के लक्षणों की पहचान कर त्वरित उपचार सुनिश्चित किया जा सके।


साभार :


© CopyRight Pressnote.in | A Avid Web Solutions Venture.