उदयपुर। राजस्थान विधानसभाध्यक्ष प्रो. वासुदेव देवनानी ने सर्किट हाउस में मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि भारत के संविधान और लोकतंत्र को किसी प्रकार का खतरा नहीं है।
देवनानी ने कहा कि भारत में लोकतंत्र की जड़े बहुत गहरी हैं। सदियों से यहां लोकतांत्रिक व्यवस्था चली आ रही है। आधुनिक समय में भारत दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे प्रभावी लोकतंत्र है। जनता की वोटिंग के आधार पर विजेता राजनीतिक दल को शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता का हस्तांतरण होना इस बात का सटीक प्रमाण है। संसद एवं विधानसभाओं में महिला आरक्षण पारित ना होने के सवाल पर देवनानी ने कहा कि देश की महिलाएं आत्मनिर्भरता और सहभागिता चाहती हैं। इस विषय पर राजनीति से ऊपर उठकर महिलाओं के उनका हक दिलाना चाहिए। उन्होंने परिसीमन का समर्थन करते हुए कहा कि 2011 के बाद जनगणना एवं लम्बे समय से परिसीमन नहीं हुआ है। अतः इसे शीघ्रता से सम्पादित किया जाना चाहिए।
परिसीमन के अनुसार विधासभा हो रही तैयार
देवनानी ने कहा कि परिसीमन के पश्चात राजस्थान में 200 के स्थान पर 270 विधानसभा क्षेत्र गठित होने की सम्भावना है। ऐसे में विधायकों के बैठने की व्यवस्था को लेकर तैयारियां अभी से प्रारम्भ कर दी गयी है। उन्होने कहा कि विधानसभा भवन के चतुर्थ तल पर 280 सीटों का हॉल तैयार किया जा रहा है। संसद की तर्ज पर सेंट्रल हॉल बनाने की योजना है ।
5 मई को होगा 7 राज्यों के विधानसभाध्यक्षों का सेमीनार
देवनानी ने बताया कि आगामी 5 मई को सात राज्यों के विधानसभाध्यक्षों के सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। इसमें विभिन्न समितियों की कार्यप्रणाली पर विशेष चर्चा की जाएगी। इस अवसर पर विधानसभा परिसर में हर्बल वाटिका और नक्षण वाटिका का लोकार्पण भी किया जाएगा। उन्होने बताया कि अब तक 50 हजार लोग विधानसभा में बने म्यूजियम को देखने आ चुके हैं।