उदयपुर,मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के संविदा एवं एस.एफ.एस. कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राजस्थान सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई।
विश्वविद्यालय अतिथि गृह में अधिकारियों के साथ बैठक के बाद संविदा/एस.एफ.एस. कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा। संगठन के अध्यक्ष नारायण लाल सालवी ने बताया कि विश्वविद्यालय में लगभग 280 संविदा एवं एस.एफ.एस. कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से करीब 50 कर्मचारी वर्ष 2017 से पहले से सेवाएं दे रहे हैं और कई कर्मचारी 5 से 20 वर्षों से अधिक समय से निरंतर कार्य कर रहे हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2004 में जारी विज्ञापन के तहत संविदा पर भर्ती किए गए कर्मचारियों ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार साक्षात्कार देकर नियुक्ति प्राप्त की थी और वर्ष 2008 से निरंतर सेवाएं दे रहे हैं। वर्ष 2017 में स्ववित्त पोषित सलाहकार मंडल के गठन के बाद उनकी सेवाएं वहां स्थानांतरित कर दी गईं।
कर्मचारियों ने यह भी उल्लेख किया कि राजस्थान कॉन्ट्रैक्ट हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स, 2022 के तहत स्क्रीनिंग कर समायोजन किए जाने के निर्देश होने के बावजूद अब तक उन्हें इन नियमों के तहत शामिल नहीं किया गया है। इसके अलावा जनवरी 2026 में वेतन वृद्धि के आश्वासन के बावजूद कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।
ज्ञापन में यह चिंता भी जताई गई कि विश्वविद्यालय में एस.एफ.एस. व्यवस्था को समाप्त कर एजेंसी के माध्यम से मानव संसाधन लेने की तैयारी की जा रही है, जिससे लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों के सामने असुरक्षा की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें दो-दो महीने के कार्य विस्तार देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और न्यूनतम वेतन पर काम करने को मजबूर किया जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर मांगी गई जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा नहीं भेजी गई, जिससे कर्मचारियों के हित प्रभावित हुए हैं।
सभी पक्षों की बात सुनने के बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका ने विश्वविद्यालय प्रशासन को कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को इस विषय में विस्तृत चर्चा के लिए जयपुर तलब किया गया। रांका ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान जल्द निकाला जाएगा।