प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'मन की बात' में कहा कि राजस्थान पवन ऊर्जा के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करने वाले प्रदेशों में शामिल 

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Published on : 27 Apr, 26 10:04

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'मन की बात' में कहा कि राजस्थान पवन ऊर्जा के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करने वाले प्रदेशों में शामिल 

गोपेन्द्र नाथ भट्ट 

 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'मन की बात' में 133वें एपीसोड में गैर परंपरागत ऊर्जा की चर्चा करते हुए राजस्थान का जिक्र किया और कहा कि राजस्थान को पवन ऊर्जा के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करने वाला प्रदेशों में शामिल बताया। साथ ही कहा कि राजस्थान भी देश के विकास का नया इंजन है। प्रधानमंत्री मोदी ने सीमावर्ती राजस्थान और गुजरात में फैले विशाल रेगिस्तान की रेत और यहां की हवाओं से पैदा हो रही 'अदृश्य शक्ति' का लोहा माना। 

 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पवन-शक्ति भारत के विकास की नई कहानी लिख रही है। भारत ने हाल ही में पवन-ऊर्जा यानि विंड एनर्जी में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अब भारत की विंड एनर्जी जेनरेशन कैपेसिटी 56 गीगावाट से अधिक हो चुकी है। पिछले एक साल में ही करीब 6 गीगावाट नई क्षमता जुड़ी है। विंड एनर्जी में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और सारी दुनिया हमारी तरफ देख रही है। आज भारत, विंड एनर्जी क्षमता की दृष्टि से दुनिया में चौथे स्थान पर है। यह हमारे इंजीनियरों की मेहनत और हमारे युवाओं का परिश्रम है। साथ ही यह भारत की सामूहिक इच्छाशक्ति का प्रतीक भी है।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात, तमिलनाडु और महाराष्ट्र के साथ राजस्थान का नाम प्रमुखता से लेते हुए कहा कि जहां हमारे सीमावर्ती इलाकों का रेगिस्तान क्षेत्र सदियों से वीराना था,वहां आज विशाल रिन्यूवल एनर्जी पार्क खड़े हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे युवाओं के लिए रोजगार का नया द्वार भी करार दिया और कहा कि इसका लाभ युवाओं को मिल भी रहा है, साथ ही नए अवसर बन रहे हैं, नई स्किल विकसित हो रही हैं और रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के विकास के लिए सौर और पवन ऊर्जा जरूरी हैं। ये सिर्फ पर्यावरण की बात नहीं है बल्कि ये हमारे भविष्य की सुरक्षा है। इसमें हम सबकी भूमिका महत्वपूर्ण है। हमें बिजली बचानी है, हमें स्वच्छ ऊर्जा और क्लीन एनर्जी अपनानी है। देश में हर स्तर पर ऐसे प्रयास जरूरी हैं। क्योंकि इन्हीं से एक बड़ा बदलाव आता है।

 

प्रधानमंत्री मोदी की इस सराहना से राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गदगद नजर आए। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात सुनने के बाद खुशी जाहिर करते हुए इसे प्रदेश के भविष्य के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट बताते हुए कहा कि यह प्रदेश के लिए गर्व का विषय है नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में ऊर्जा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और युवाओं को इस क्षेत्र में बड़े अवसर प्रदान करने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। सीएम शर्मा ने प्रदेशवासियों से स्वच्छ और हरित भविष्य के लिए योगदान देने की अपील की।

 

राजस्थान आज तेजी से विश्व के सबसे बड़े सोलर ऊर्जा हब के रूप में भी उभर रहा है। राज्य की भौगोलिक स्थिति, प्रचुर धूप और विशाल बंजर भूमि इसे सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए आदर्श बनाती है। वर्ष में लगभग 300 से अधिक धूप वाले दिन राजस्थान को नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाते हैं।

राज्य सरकार और केंद्र सरकार की नीतियों ने इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर और जोधपुर जैसे जिलों में बड़े पैमाने पर सोलर पार्क विकसित किए जा रहे हैं। भड़ला सोलर पार्क, जो दुनिया के सबसे बड़े सौर ऊर्जा संयंत्रों में शामिल है, राजस्थान की इस उपलब्धि का प्रमुख उदाहरण है। इससे न केवल बिजली उत्पादन बढ़ा है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।

सौर ऊर्जा के विस्तार से राजस्थान ऊर्जा आत्म निर्भरता की ओर बढ़ रहा है। पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होने से पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिला है। कार्बन उत्सर्जन में कमी और हरित ऊर्जा के उपयोग से राज्य सतत विकास के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। इसके साथ ही, निजी निवेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी राजस्थान को वैश्विक सोलर मानचित्र पर मजबूत स्थान दिला रहे हैं। आने वाले वर्षों में राजस्थान न केवल भारत, बल्कि विश्व की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस प्रकार, राजस्थान पवन ऊर्जा के साथ सोलर ऊर्जा हब के रूप में विकसित होकर आर्थिक प्रगति, पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा रहा है।


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