दीक्षांत शिक्षा का अंत नहीं, नवजीवन का आरंभ- राज्यपाल हरिभाऊ बागडे*

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Published on : 27 Apr, 26 10:04

दीक्षांत शिक्षा का अंत नहीं, नवजीवन का आरंभ- राज्यपाल हरिभाऊ बागडे*

*न्याय: धर्मस्य मूलं, सेवा राष्ट्रस्य  प्राण: - विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी* 

 

*जनविश्वास, तकनीक एवं मानवीय मूल्यों के समन्वय से सशक्त होगी पुलिसिंग*

 

जयपुर/जोधपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा है कि दीक्षांत समारोह शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि विद्यार्थी जीवन के नव आरंभ का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि अर्जित ज्ञान को समाज और राष्ट्र के हित में समर्पित करना ही दीक्षांत का मूल उद्देश्य है।

 

राज्यपाल बागडे सरदार पटेल पुलिस, सुरक्षा एवं दाण्डिक न्याय विश्वविद्यालय जोधपुर के चतुर्थ दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। 

 

राजस्थान विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी समारोह के विशिष्ट अतिथि थे। राज्यपाल बागडे और विधानसभाध्यक्ष देवनानी ने सभी उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

 

राज्यपाल बागडे ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थी जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहाँ प्राप्त शिक्षा को व्यवहार में उतारने का संकल्प लिया जाता है। प्राचीन गुरुकुल परंपरा के ‘समावर्तन संस्कार’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य सत्य, धर्म और विनम्रता के साथ जीवन में आगे बढ़ना है।

 

*दीक्षांत समारोह संकल्प उत्सव* 

 

विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि न्याय धर्म की जड़ और सेवा राष्ट्र का प्राण है। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह संकल्प उत्सव है, जहां ज्ञान, अनुशासन और राष्ट्रधर्म एक साथ आकार ग्रहण करते हैं। यही वह क्षण होता है, जब वर्षों की तपस्या  उपलब्धि में परिवर्तित होती है और यही आगे चलकर जिम्मेदारी बनती है। देवनानी ने विद्यार्थियों से राष्ट्र सेवा, न्याय एवं मानवीय मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।

 

*डिग्री के साथ दृष्टि देने वाला विश्वविद्यालय*

 

देवनानी ने कहा कि यह विश्वविद्यालय पुलिसिंग, आंतरिक सुरक्षा,साइबर सुरक्षा एवं दाण्डिक न्याय के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान बन चुका है। देवनानी ने कहा कि यह विश्वविद्यालय डिग्री के साथ एक दृष्टि देता है जिससे व्यक्ति आगे चलकर मानवीय संवेदनाओं के साथ राष्ट्र सेवा करता है।  देवनानी ने कहा कि इस विश्वविद्यालय की विशेषता है कि यह शिक्षा को केवल सैद्धांतिक न रखकर उसे व्यावहारिक प्रशिक्षण से जोड़ता है ताकि यहां से निकलने वाला प्रत्येक विद्यार्थी केवल अधिकारी नहीं बल्कि एक सजग संवेदनशील और उत्तरदायी नागरिक बन सके।

 

*192 विद्यार्थियों को उपाधियां, 9 को स्वर्ण पदक*

 

विश्वविद्यालय की कुलपति  आलोक त्रिपाठी ने बताया कि समारोह में  कुल 192 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 188 स्नातक एवं स्नातकोत्तर तथा 4 पीएचडी शामिल हैं। विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं तथा 9 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए, जिनमें 6 छात्राएं शामिल रहीं। कुलाधिपति स्वर्ण पदक वर्ष 2024 के लिए राकेंद्र पीएस एवं वर्ष 2025 के लिए सुमूल गर्ग को प्रदान किया गया।

 

दीक्षांत समारोह में जोधपुर को संभागीय आयुक्त एवं जिला कलक्टर आलोक रंजन, पुलिस आयुक्त शरत कविराज, आईजी रेंज सत्येंद्र,महानिरीक्षक बीएसएफ  एम.एल गर्ग, सरदार पटेल पुलिस, सुरक्षा एवं दांडिक न्याय विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. श्वेता सिंह सहित विभिन्न अधिकारीगण एवं विश्वविद्यालय के शिक्षकगण उपस्थित रहे।


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