अल अनान के जन जागरण कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर पीसी जैन जो कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे,ने शराबी पन को एक पारिवारिक बीमारी बताया है। ऐसा उन्होंने अपने 25 वर्षों के अनुभव के आधार पर और उदाहरण देकर बताया कि दादा के पीने से पोता और पोते के पीने से पडपोता भी शराब पीने लगा। इसमें दादा की मृत्यु शराब से होने वाली लीवर की एक बीमारी सिरोसिस ऑफ लिवर से हुई और पोते की कैंसर से हुई। पडपोते का तलाक हो गया और उस तनाव में मां की हार्ट अटैक से मौत हो गई। अर्थात परिवार मानसिक ,भावात्मक,आर्थिक ,सामाजिक,से बीमार हो गया ।इस पारिवारिक संकट से उबारने हेतु अल अनान सहयोग करता है।
डॉ आर के शर्मा ने सभी के सहयोग को आवश्यक माना। देवकिशन जो अल्कोहलिक एनोनिमस चला रहे हैं उन्होंने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में कुछ बंधुओ ने अपने अनुभव भी साझा किये।
नागपुर और मुंबई से आई अल अन्नान की महिला सदस्यों ने कार्यक्रम का आयोजन किया।