उदयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार वित्त विभाग की पहल पर उदयपुर संभाग के पेंशनरों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सोमवार को क्षेत्रीय पेंशन कार्यालय सभागार में पहली संभाग स्तरीय पेंशन अदालत का आयोजन किया गया। इस अदालत में पेंशनरों की वर्षों से लंबित समस्याओं को सुनकर उनका प्रभावी निस्तारण किया गया।
संयोजक एवं अतिरिक्त निदेशक (पेंशन) श्रीमती रूचि प्रियदर्शी ने बताया कि पेंशन अदालत के लिए कुल 76 परिवेदनाएं प्राप्त हुई थीं। विभाग की सक्रियता के चलते इनमें से अधिकांश का समाधान सुनिश्चित किया गया। इसमें शिक्षा विभाग के 12 प्रकरणों का निस्तारण हुआ। वहीं पेंशन कार्यालय से जुड़े 20 प्रकरणों का भी समाधान किया गया। निदेशक स्तर पर लंबित 18 मामलों का निपटारा किया गया। वित्त विभाग अंतर्गत भुगतान से संबंधित शेष 26 प्रकरणों को त्वरित कार्यवाही हेतु वित्त विभाग को प्रेषित किया गया है, जल्द ही उनका भी निस्तारण होगा।
6 पेंशनरों को हाथों-हाथ मिले संशोधन पत्र
अतिरिक्त निदेशक श्रीमती प्रियदर्शी ने बताया कि पेंशन अदालत की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार्यक्रम के दौरान 6 नए प्रकरण सामने आए। अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए इनका समाधान हाथों-हाथ किया और संबंधित पेंशनरों को तुरंत संशोधन पत्र जारी कर दिए। पेंशन अदालत के दौरान संयुक्त निदेशक प्रमोद सुथार, उप निदेशक मयंक व्यास, कोषाधिकारी (ग्रामीण) डॉ. प्रीति वर्मा, चित्तौड़गढ़ कोषाधिकारी दिग्विजय सिंह सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी और पेंशनर समाज उदयपुर के अध्यक्ष भंवर सेठ उपस्थित रहे। पेंशनर समाज के प्रतिनिधियों और लाभान्वित पेंशनरों ने सरकार की इस पहल की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में उप निदेशक ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।