उदयपुर। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत मंगलवार को सात दिवसीय वेस्ट टू वेल्थ (पेपरमैशी) कार्यशाला का समापन हुआ। साथ ही इस कार्यशाला में बनाए गए विभिन्न कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
पश्चिम क्षेत्र सास्कृतिक केंद्र उदयपुर के निदेशक डॉ. अश्विन एम. दलवी ने बताया कि स्वच्छता पखवाड़ा 16 से 30 अप्रेल के अंतर्गत सात दिवसीय वेस्ट टू वेल्थ (पेपरमैशी) कार्यशाला का समापन मंगलवार को हुआ। केन्द्र निदेशक ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर प्रतिभागियों द्वारा वेस्ट टू वेल्थ से बनाई गई पेपर मैशी कलाकृतियों की प्रशंसा की।
केन्द्र निदेशक ने बताया कि इस कार्यशाला में अलग-अलग विधा के प्रतिभागियों ने भाग लिया एवं सभी प्रतिभागी इस कला को सीखकर अपनी अपनी विधाओं के साथ जोड़ें। केन्द्र द्वारा कार्यशाला आयोजित कर इसका बीज बोया गया है जिसे वृक्ष तक पहुंचाना प्रतिभागियों का दायित्व है।
कार्यशाला विशेषज्ञ रामदेव मीणा द्वारा पेपरमेशी की बारीकियां बताई गई। जिसमें कागज को गलाना, मुलतानी मिट्टी से तैयार लुगदी से विभिन्न प्रकार की कलाकृतियों को तैयार करना आदि। इस अवसर पर प्रदर्शनी भी लगाई गई। साथ ही प्रतिभागियों ने अपने विचार साझा किए और केन्द्र को कार्यशाला में आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही विशेषज्ञ, सहायक व प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किये। अंत में सहायक निदेशक (वित्तीय एवं लेखा) दुर्गेश चांदवानी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।