जैसलमेर। प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जनगणना 2027 कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ-साथ अतिरिक्त जिला कलक्टर परसराम सैनी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद रश्मि रानी, उपखण्ड अधिकारी सक्षम गोयल, उपनिदेशक सोमेश्वर देवड़ा सहित अन्य समस्त विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया।
स्व-गणना प्रक्रिया पर विशेष जोर
जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने जनगणना 2027 के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि यह जनगणना पूर्णतः डिजिटल एवं पेपरलेस होगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को 1 मई से 15 मई 2026 तक स्व-गणना (Self Enumeration) पोर्टल http://se.census.gov.in के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी स्वयं तथा अपने अधीनस्थ कार्मिकों से भी अनिवार्य रूप से स्व-गणना सुनिश्चित करवाएं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से आसान होगी प्रक्रिया
उन्होंने बताया कि नागरिक अपने मोबाइल अथवा कंप्यूटर के माध्यम से पोर्टल पर जाकर अथवा जारी किए गए QR कोड के माध्यम से लॉगिन कर परिवार का पंजीकरण कर सकते हैं। इस प्रक्रिया में किसी प्रकार के दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी।
भाषा चयन एवं आईडी जनरेशन की जानकारी
जिला कलक्टर जोरवाल ने बताया कि स्व-गणना के दौरान नागरिक अपनी पसंद की भाषा का चयन कर सकेंगे, जिसे बाद में बदला नहीं जा सकेगा। मोबाइल नंबर सत्यापन एवं लोकेशन शेयर करने के पश्चात प्रत्येक उपयोगकर्ता को 12 अंकों की एक विशिष्ट आईडी जनरेट होगी, जिसका पहला अक्षर 'X' होगा। उपयोगकर्ता द्वारा प्रश्नों के उत्तर भरकर अंतिम सबमिट करना आवश्यक होगा।
समयबद्ध क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग के निर्देश
जिला कलक्टर ने बैठक में उपस्थित आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के उपनिदेशक एवं उप जिला जनगणना अधिकारी राजेन्द्र मेघवाल को इस कार्य को पूर्ण करने एवं पूर्णतः मानिटरिंग करने के सख्त निर्देश दिये। बैठक में उपस्थित अन्य विभागों को निर्देशित किया कि स्व-गणना का प्रचार प्रसार किया जाये तथा अपने-अपने विभागों में शत-प्रतिशत स्व गणना की जायें। उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में सभी अधिकारी पूर्ण गंभीरता, पारदर्शिता एवं जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभाएं।