कोटा। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्थानीय बार एसोसिएशनों में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किए जाने के निर्देशों के बाद कोटा बार एसोसिएशन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, जिन स्थानीय बार एसोसिएशन में महिला सदस्यों की संख्या निर्धारित 30 प्रतिशत से कम है, वहां सहवरण (co-option) के माध्यम से इस संख्या को पूरा किया जाना अनिवार्य किया गया है। इसी क्रम में कोटा बार एसोसिएशन ने कार्यकारिणी की बैठक आयोजित कर महिला प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करते हुए अधिवक्ता स्वाति जैन एवं लवली सिंह को परिषद की सहवरित सदस्य के रूप में नियुक्त किया है।
बार के अध्यक्ष भारत सिंह अड़सेला ने बताया कि स्वाति जैन एवं लवली सिंह के मनोनयन से परिषद को नई ऊर्जा एवं मजबूती मिलेगी तथा वे अधिवक्ताओं के हितों के लिए प्रभावी भूमिका निभाएंगी।
परिषद के महासचिव शम्भू सोनी ने बताया कि कार्यकारिणी का यह निर्णय न केवल सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की पालना है, बल्कि विधि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण व सकारात्मक कदम है। बार एसोसिएशन के इस कदम का अधिवक्ताओं द्वारा स्वागत किया जा रहा है और इसे न्यायिक व्यवस्था में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने वाला निर्णय बताया जा रहा है। इस मौके पर परिषद के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने दोनों नव-मनोनित सदस्यों का माल्यार्पण कर स्वागत किया तथा उनके उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। बैठक के दौरान महासचिव शंभू सोनी, उपाध्यक्ष कैलाश बामणिया, कोषाध्यक्ष ऋषि राज नागर, पुस्तकालय सचिव फूल सिंह भाटी, सांस्कृतिक सचिव प्रतिभा सोनी, कार्यकारिणी सदस्य यश नागर, सपना तिवारी, हर्षित गौतम, कार्तिक गौत्तम, वैभव शर्मा, हेमंत मालव एवं अजय शर्मा उपस्थित थे।