उदयपुर . वैशाखी पूर्णिमा 1 मई, 2026 शुक्रवार को आनंद मार्ग प्रचारक संघ के संस्थापक श्री श्री आनंदमूर्ति जी का 105वां जन्मदिवस उदयपुर डायोसिस यूनिट की तरफ से हर्षोल्लास से मनाया गया. भुक्ति प्रधान डॉ. एस. के वर्मा ने बताया की आनंद पूर्णिमा के शुभ अवसर पर जन्मोत्सव कार्यक्रम के तहत आनंद मार्ग, उदयपुर की डायोसिस सेक्रेटरी (महिला) अवधूतिका आनंदकृष्णा आचार्या के सानिध्य में प्रातः: पांच बजे पांचजन्य के बाद 'बाबा नाम केवलम' अष्टाक्षर सिद्ध महामंत्र जप करते हुए नगर कीर्तन किया गया. तत्पश्चात प्रातः 6:07 बजे जयघोष के द्वारा मार्ग गुरुदेव को माल्यार्पण,शंख ध्वनि तथा दीप प्रज्जवलन किया गया. जन्मदिवस पर प्रभात संगीत गायन और सामूहिक कीर्तन, धर्मचक्र, वर्णाध्यान, गुरुपूजा तथा आनंद वाणी का पाठ हुआ. नारायण सेवा के तहत टेकरी-मादरी रोड पर मिठाई वितरण तथा राहगीरों को ठंडा शरबत पिलाया गया. इसके साथ ही श्री श्री आनंदमूर्ति जी द्वारा पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं के कल्याण के लिए गठित 'पीकैप' प्रिवेंशन ऑफ़ क्रुएल्टी टू प्लांट्स एंड एनिमल्स संस्था के तहत जागृति परिसर में पौधरोपण किया गया.
जन्मदिवस पर मार्गगुरु श्री श्री आनंदमूर्ति जी द्वारा मानवता को विविध क्षेत्रो में दिए गए अवदानों जैसे मानसा-आध्यात्मिक साधना, प्रभात संगीत, प्रउत, नव्य-मानवतावादी शिक्षा, क्रन्तिकारी विवाह, सेवा, माइक्रोवाइटा, इष्ट और आदर्श, इत्यादि विभिन्न विषयों पर आनंद मार्गियों द्वारा प्रकाश डाला गया. अपराह्न में मार्गगुरु की जीवन यात्रा दर्शन के साथ ही आनंद मार्ग से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रश्नोत्तरी हुई जिसमें सफल रहे प्रतिभागियों को पुरुस्कृत किया गया. कार्यक्रम का समापन अपराह्न चार बजे सामूहिक आवर्त कीर्तन, धर्मचक्र, गुरु पूजा, और स्वाध्याय पाठ के साथ हुआ. कार्यक्रम के अंत में मार्ग के वरिष्ठ साधक-साधिकाओं और कर्मठ कार्यकर्ताओं को पुरस्कृत किया गया. जन्मोत्सव कार्यक्रम में उदयपुर डायोसिस के विभिन्न स्थानों से साधकों ने हर्षोल्लास से भाग लिया तथा मार्गगुरु द्वारा दी गयी षोडश विधि का नियमित रूप से पालन करने के साथ ही विभिन्न जनकल्याणकारी विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया.
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