जयपुर,राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष डॉ. वासुदेव देवनानी ने कहा है कि देवर्षि नारद भारतीय परंपरा के प्रथम आदर्श पत्रकार हैं, जिनका जीवन लोक-मंगल, सत्य और संवाद की श्रेष्ठ परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने पत्रकारों का आव्हान किया कि वे सत्य, साहस व संवेदना के साथ राष्ट्र सेवा करें।
डॉ. वासुदेव देवनानी शनिवार को विश्व संवाद केंद्र जयपुर की ओर से पाथेय भवन में आयोजित देवर्षि नारद जयंती एवं पत्रकार सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।
डॉ. देवनानी ने कहा कि नारद केवल एक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि एक सिद्धांत है। जो समाज में ज्ञान का संचार करे और सूचना को सार्थक दिशा दे, वही सच्चे अर्थों में नारद है। उन्होंने कहा कि नारद जी ने सदैव निर्भीक होकर सत्य को स्थापित किया। आज की पत्रकारिता के लिए यह एक प्रेरणा है।
विधानसभाध्यक्ष डॉ. वासुदेव देवनानी ने वर्तमान समय में सूचना के तीव्र प्रवाह का उल्लेख करते हुए कहा कि आज आवश्यकता केवल सबसे तेज होने की नहीं, बल्कि सबसे सच्चा होने की है। एक गलत सूचना समाज के विश्वास को तोड़ सकती है और विश्वास ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने मीडिया से अपेक्षा व्यक्त की कि वह सकारात्मक, समाधान प्रधान और राष्ट्रहित में कार्य करने वाली पत्रकारिता को बढ़ावा दे।
डॉ. देवनानी ने कहा कि देवर्षि नारद का संवाद सर्वे भवन्तु सुखिनः की भावना से प्रेरित था और आज की पत्रकारिता को भी इसी दिशा में कार्य करना चाहिए। समाज के वास्तविक अनुभवों से जुड़कर सशक्त एवं प्रभावी रिपोर्टिंग करनी चाहिए ।
डॉ. देवनानी ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्षेत्र में पत्रकार लखबीर सिंह, डिजिटल मीडिया में राम गोपाल जाट और प्रिंट मीडिया में मदन कलाल को नारद पुरस्कार से सम्मानित किया।
कार्यक्रम को निंबाराम, वरिष्ठ पत्रकार गिरीश उपाध्याय ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विभिन्न मीडिया प्रतिनिधि, पत्रकारिता के विद्यार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।