महिलाओं ने ही गढ़ दिए माधव की कहानी के सभी किरदार

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Published on : 03 May, 26 16:05

शिल्पग्राम में नाटक ‘माधव’ का मंचन

महिलाओं ने ही गढ़ दिए माधव की कहानी के सभी किरदार

उदयपुर। पश्चिम क्षेत्र सास्कृतिक केंद्र उदयपुर द्वारा आयोजित मासिक नाट्य संध्या ‘रंगशाला’ के अंतर्गत रविवार को ‘माधव’ नाटक का मंचन किया गया।
पश्चिम क्षेत्र सास्कृतिक केंद्र उदयपुर के निदेशक डॉ. अश्विन एम. दलवी ने बताया की प्रति माह आयोजित होने वाली मासिक नाट्य संध्या रंगशाला के अंतर्गत कारवां थिएटर ग्रुप मुंबई, संपूर्णम् एवं वेदा फैक्ट्री मुंबई द्वारा विमन ट्रिओलॉजी श्रृंखला के दूसरे नाटक माधव का मंचन रविवार को शिल्पग्राम उदयपुर स्थित दर्पण सभागार में किया गया। इस नाटक के निर्देशक कुलविंदर बख्शीश सिंह एवं लेखक आशुतोष द्विवेदी है। दर्शकों से खचाखच भरे सभागार में इस प्रभावशाली प्रस्तुति को खूब सराहा गया। नाटक में विनीता जोशी, नॉयरिका, चांदनी श्रीवास्तव और संजना देशमुख ने 40 किरदार निभाए। नाटक की शुरूआत नाटक कर्ण के अंतिम दृश्य से हुई, जहां कर्ण माधव से कहते है कि पूरी जिंदगी मेरे साथ अन्याय हुआ, इस पर श्रीकृष्ण कहते है कि मुझे तो मेरे जन्म लेते ही माता-पिता से अलग कर दिया गया। मुझे मेरा प्रेम नहीं मिला। जिस-जिस से मेरा विवाह हुआ, वह समझौता था। इसी के साथ कहानी आगे बढ़ती है और श्रीकृष्ण के द्वारिका बसाने और फिर वहां मथुरा की स्मृतियों में खो जाने की कथा दिखाई गई।
नाटक में दिखाया गया कि कृष्ण ने किस तरह जनवादी सत्ता की स्थापना की। वे निरंकुश राजाओं से सत्ता लेकर उनके योग्य पुत्रों को सौंप देते थे। अंत मे जब कृष्ण की मृत्यु का संदेश राधा के पास पहुंचता है तो राधा स्वयं में कृष्ण का दर्शन करवाती हैं। कहानी में दिखाया गया कि हम कृष्ण को पूजते तो हैं पर उन्हें समझते नहीं। नाटक में संगीत एआर रहमान का दिया हुआ है। ‘कोई खुशियां सारी...’, ‘हे चकोर...’ जैसे गीतों को आवाज हंसिका अय्यर ने दी।
रंगमंच प्रेमियों ने पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की इस पहल की प्रशंसा करते हुए ऐसे आयोजनों के लिए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी कलाकारों का सम्मान किया गया।
इस अवसर पर केन्द्र के उपनिदेशक (कार्यक्रम) पवन अमरावत, कार्यक्रम अधिशाषी राकेश मेहता, दयाराम सुथार, सिद्धांत भटनागर सहित केंद्र के अधिकारी-कर्मचारी एवं शहर के अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक (वित्तीय एवं लेखा) दुर्गेश चांदवानी ने किया।


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