उदयपुर। भारत सरकार एवं राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों की अनुपालना में सोमवार को रवींद्रनाथ टैगोर (आरएनटी) मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध महाराणा भूपाल (एमबी) राजकीय चिकित्सालय में फायर सेफ्टी वीक 2026 का औपचारिक शुभारंभ हुआ। एनेस्थीसिया सेमिनार हॉल में आयोजित इस प्रशिक्षण सत्र में चिकित्सालय के अधिकारियों, चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर आपदा प्रबंधन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
इस अवसर पर आर.एन.टी. मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं नियन्त्रक डॉ. राहुल जैन ने अग्नि सुरक्षा को संस्थान की कार्यप्रणाली का अनिवार्य हिस्सा बताते हुए कहाकि चिकित्सा संस्थानों में अग्नि सुरक्षा केवल एक वैधानिक आवश्यकता नहीं, बल्कि मरीजों के प्रति हमारी जवाबदेही का मूल आधार है। हमारा उद्देश्य जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाना है। इस सुरक्षा सप्ताह के माध्यम से हम हर विभाग के अंतिम कर्मचारी तक यह संदेश पहुँचाना चाहते हैं कि वे आग जैसी आपदा के समय डरे नहीं, बल्कि प्रशिक्षित होकर उसका मुकाबला करें। समय-समय पर ऑडिट और इस तरह के प्रशिक्षण सत्र हमारी आपदा प्रबंधन तैयारियों को निरंतर अपडेट रखते हैं।
एमबी चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. आर.एल. सुमन ने हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स को संबोधित करते हुए कहा कि अस्पताल जैसे अति संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा मानकों का पालन प्रत्येक कर्मचारी का प्रथम दायित्व है। आपातकालीन परिस्थितियों में सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया ही किसी बड़ी दुर्घटना को टालने में सक्षम होती है। आज दिलाई गई अग्नि सुरक्षा शपथ केवल शब्द नहीं, बल्कि प्रत्येक मरीज की सुरक्षा का हमारा संकल्प है। प्रशिक्षण में सीखी गई बारीकियों को धरातल पर उतारना ही इस सप्ताह की सार्थकता होगी।
कार्यक्रम के मुख्य प्रशिक्षक, उदयपुर फायर एंड रेस्क्यू डिपार्टमेंट के नवदीप बग्गा ने फायर एक्सटिंग्विशर के प्रभावी उपयोग और सुरक्षित निकासी प्रक्रियाओं का व्यावहारिक ज्ञान साझा किया। कार्यक्रम का सुव्यवस्थित संचालन निश्चेतना विभाग के आचार्य एवं नोडल अधिकारी डॉ. रविंद्र गहलोत द्वारा किया गया।
उल्लेखनीय है कि 4 मई से 10 मई तक चलने वाले इस फायर सेफ्टी वीक के दौरान अस्पताल के विभिन्न ब्लॉकों में निरंतर मॉक ड्रिल और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।