उदयपुर में 20 हेक्टेयर में विकसित होगा चन्दन वन, वन मंत्री ने किया निरीक्षण

( 572 बार पढ़ी गयी)
Published on : 06 May, 26 16:05

उदयपुर में 20 हेक्टेयर में विकसित होगा चन्दन वन, वन मंत्री ने किया निरीक्षण

उदयपुर। उदयपुर, सिरोही बांसवाड़ा में माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के द्वारा प्रस्तावित चंदन वन विकसित के लिये बुधवार को वन मंत्री संजय शर्मा, द्वारा उदयपुर में चयनित चंदन वन क्षेत्र का दौरा किया। उदयपुर में पिछोला झील के किनारे स्थित कालकामाता नर्सरी में 20 हेक्टेयर वन भूमि पर चंदन वन विकसित करने हेतु साइट का चयन किया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तावित चंदन वन के विकास हेतु विभिन्न तकनीकी पहलुओं एवं इसकी सुरक्षा के संबंध में मुख्य वन संरक्षक सुनील छिद्री, मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव उदयपुर सेडूराम यादव एवं उप वन संरक्षक, मुकेश सैनी एवं स्टाफ से विस्तृत चर्चा की।
चर्चा के दौरान वनाधिकारीयों द्वारा बताया गया कि कालकामाता साईट पर पूर्व से ही प्राकृतिक रूप से चंदन के कुछ पौधे उपलब्ध है जो कि यह दर्शाता है कि यह साइट चंदन के पौधे विकसित करने के लिए उपयुक्त है। वन मंत्री द्वारा साईट का पैदल चलकर एवं वाॅच टाॅवर से पूर्ण क्षैत्र का अवलोकन कर चर्चा की।
उप वन संरक्षक मुकेश सैनी ने बताया कि चंदन (सेंडलवुड) एक अर्ध-परजीवी प्रजाति है, जो स्वतंत्र रूप से विकसित नहीं होती, अपितु इसके समुचित विकास हेतु ‘होस्ट प्लांट’ (सहायक पौधों) की आवश्यकता होती है। ये सहायक पौधे अपनी जड़ों के माध्यम से चंदन पौधों को आवश्यक पोषण प्रदान करते हैं, जिससे उनकी वृद्धि तीव्र होती है।
इस साईट पर पूर्व से ही मेंहदी, नीम हैज, अकेशिया प्रजाति के पौधे होस्ट प्लांट के रूप में उपलब्ध है साथ ही करोंदा, ड्यूरेंटा इत्यादि के अतिरिक्त पौधे लगाकर नये चंदन के पौधे रोपित किये जाने का प्रावधान रखा गया है।
इस मौके पर वन मंत्री द्वारा चंदन का पौधा लगाकर इस अभियान की -शुरुआत की। इसके साथ ही मुख्य वन संरक्षक एवं द्वारा भी चंदन व “एक जिला एक वनस्पति” के तहत महुआ के पौधे का पौधारोपण किया गया। वन मंत्री द्वारा कालकामाता नर्सरी का भी निरीक्षण किया।
इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक सेडूराम यादव सहित एवं उप वन संरक्षक (उत्तर), अजय चित्तौड़ा,  शैतान सिंह, यादवेन्द्र सिंह, सहायक वन संरक्षक घनश्याम कुमावत, सुश्री सुरेखा चैधरी, राजेन्द्र के साथ अन्य अधिकारी उपस्थित रहें।
 


साभार :


© CopyRight Pressnote.in | A Avid Web Solutions Venture.