श्रीगंगानगर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार बुधवार को एक्सेस टू जस्टिस फाॅर विकटिम्स आॅफ हयूमन-वाइल्डलाइफ कंफलिक्ट (एचडब्ल्यूसी), 2025 के संबंध में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री रवि प्रकाश सुथार की अध्यक्षता में वन विभाग के समन्वय से एडीआर सेन्टर में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन वी.सी. एवं व्यक्तिगत माध्यम से किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में एलएडीसी अधिवक्तागण, समस्त पीएलवी, विभिन्न सेवा, स्टाॅफ एवं तालुका स्टाॅफ उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में श्रीगंगानगर न्यायक्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार आवारा कुत्तों, सांप अथवा अन्य जानवर के काटने के मामलों की जानकारी दी गई एवं वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972, बिना अनुमति जानवार को मारना अपराध एवं दोषी पाए जाने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान आदि के बारे में बताया गया। इसके साथ ही माननीय नालसा की उक्त योजना अनुसार इस प्रकार के मामलों मे त्वरित कार्यवाही करने, पीड़ित को मुआवजा दिलाने, ज्यादा घटनाओं वाले क्षेत्र चिन्हित करने आदि विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
इस दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी श्री कमलेश कुमार ने विभाग से संबंधित गाईडलाईन का विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया। वन्यजीव संरक्षक श्री मनजीत सिंह तथा श्री वेदप्रकाश द्वारा सांपों की प्रजाति एवं सर्पदंश के पश्चात किये जाने वाले त्वरित समाधानों के बारे में विस्तार से बताया गया। श्री तुषार गुप्ता सहायक डिफेंस काउंसिल द्वारा वन्य जीव संरक्षण अधिनियम एवं नालसा द्वारा जारी योजना के बारे में विस्तारपूर्व जानकारी प्रदान की गई। इस दौरान श्री डूंगरलाल, वन विभाग व एलएडीसीएस से श्री रोहताश यादव चीफ एलएडीसी, श्री तुषार गुप्ता व श्री करण धवन उपस्थित रहे। सहायक डिफेंस कांउसिल श्री अमनदीप चलाना द्वारा मंच संचालन किया गया।