उदयपुर। पशु पालन विभाग तथा मेवाड़ पशु चिकित्सा संघ के तत्वावधान में गुरूवार को पशु सेवा संकल्प दिवस मनाया गया। इस दौरान गौशालाओं में पशु चिकित्सा शिविर हुए। इसमें सैकड़ों पशुओं का उपचार किया गया। साथ ही राजकीय पशु चिकित्सा संस्थान में संगोष्ठी आयोजित कर पशु सेवा का संकल्प दोहराया।
मेवाड़ पशुचिकित्सक संघ के अध्यक्ष डाॅ शैलेंद्र शुक्ला ने बताया कि पशुपालन, डेयरी एवं गोपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत का जन्मदिवस ’पशु सेवा संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया। संघ के आव्हान पर शिवशंकर गौशाला कलडवास, अपना घर गौशाला परशुराम चैराया, मोक्षधाम अशोक नगर गौशाला व पशुपतिनाथ गौशाला बलीचा में डा. महेन्द्र मेहता, डा. मुकेश नागौरी, डा.अंकेश जैन, डा.योगेश बारोलिया व डा. करमेन्द्र प्रताप के नेतृत्व में चार अलग अलग टीमों द्वारा पशु चिकित्सा एवं बांझपन निवारण शिविर के सफल आयोजन किए गए। शिविर में सामान्य उपचार 171 पशुओं में, बांझपन निवारण उपचार 48, डिवर्मिंग 207 पशुओं एवं गलघोंटू रोग से बचाव के टीके 60 पशुओं में लगाए गए। कुल 486 पशुओं का उपचार किया गया। गौवंश का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक उपचार, दवाई वितरण एवं रोगों की रोकथाम संबंधी परामर्श प्रदान किया गया। अतिरिक्त निदेशक डॉ. सुरेश कुमार जैन, उपनिदेशक पॉलीक्लीनिक डॉ. शैलेन्द्र शुक्ला तथा पशुपालन प्रशिक्षण संस्था के वरिष्ठ पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ ओम साहू ने निरीक्षण कर कार्यों की सराहना की। शिविरों में विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ साथ गौशाला प्रबन्धकों का विशेष सहयोग रहा। इससे पूर्व पशुधन परिसर चेटक सर्कल स्थित पशुपति नाथ मंदिर में विशेष पूजा अर्चना भी की गई। डा. दिनेश सारडा, डा. लक्ष्मी नारायण मीणा, डा. विजय माने, डा. गणेश गिरी, डा. डी.पी.गुप्ता, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डा. राजकिशोर बंसल, डा. जीवन गोयल, डा. सुरेश शर्मा, डा. पदमा मील, डा. ममता सोनी, डा. सविता मीणा, संतोष शर्मा, बबलू सिंह, भारती सारडा, विनोद गोस्वामी, पंडित जीतेन्द्र शर्मा आदि भी उपस्थित रहे।
उधर, राजकीय पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान उदयपुर में पशु सेवा ही प्रभु सेवा-हरित राजस्थान, स्वस्थ पशुधन थीम पर कार्यक्रम हुआ। अध्यक्षता अतिरिक्त निदेशक डॉ. सुरेश कुमार जैन ने की। संस्थान के उपनिदेशक डॉ. द्वारकाप्रसाद गुप्ता ने उपस्थित प्रशिक्षणार्थियो एवं अतिथियों को पशुधन सेवा संबंधित शपथ दिलाई। शपथ में पशुओं के प्रति दया, करूणा, ग्रीष्म ऋतु में 3-3-3 नियम का पालन, शत-प्रतिशत टीकाकरण प्रचार प्रसार, पशु कुरता की रोकथाम एवं पशु कल्याण को अपना परम कर्तव्य मानने बाबत एवं थीम पशु सेवा ही प्रभु सेवा को आत्मसात कर पशुधन विकास में योगदान का संकल्प दिलाया।