उदयपुर। अक्षय लोकजन पत्रिका भारतीय महापुरुषों के जीवन की घटनाओं, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व के आलेखों से परिपूर्ण होती है। इसका लाभ बालकों से लगाकर प्रौढ़ तक सभी उठाते हैं।
यह बात राजस्थान कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. मनोज कुमार महला ने पत्रिका के एकादश वर्ष की द्वितीय अंक अप्रै—मई—जून के विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कही।
इस अवसर पर पत्रिका के प्रकाशक जय किशन चौबे ने बताया कि इस अंक में तिब्बत की शीर्ष धरा और वेद, महाराणा भूपाल सिंह, क्रांतिकारियों के प्रेरणास्रोत वीर सावरकर, लोकतंत्र महान कैसे बने, भारतवर्ष विश्व गुरु — ज्ञान विज्ञान कला साहित्य और संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में, बाल—जगत, चित्रकला, भारतीय व्रत—त्योहार आदि सामग्री का संग्रहण है।
सम्पादक मनोहर लाल मून्दड़ा ने बताया कि पत्रिका में छोटे—छोटे प्रसंगों से महत्वपूर्ण प्रेरक कथाएं जिनमें भगवान झूलेलाल, श्री रामानुचार्य, भगवान परशुराम आदि की कथाएं शामिल हैं। मून्दड़ा ने बताया कि आगामी विशेषांक 'हारे का सहारा खाटू श्याम' प्रकाशित होगा जो धर्म संस्कृति, विज्ञान से परिपूर्ण होगा। इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय के सेवानिवृत्त शारीरिक शिक्षा निदेशक (संकुल) डॉ. दीपांकर चक्रवर्ती, घीसूलाल मेघवाल, सुरेश तम्बोली, नरेन्द्र उपाध्याय आदि उपस्थित थे।