पहली बार रेल के माध्यम से गुजरात के अहमदाबाद से असम पहुंचा मसाला (जीरा)

( 662 बार पढ़ी गयी)
Published on : 07 May, 26 18:05

पहली बार रेल के माध्यम से गुजरात के अहमदाबाद से असम पहुंचा मसाला (जीरा)

नई दिल्ली। भारतीय रेल ने वित्त वर्ष 2025-26 में 1670 मिलियन टन कार्गो परिवहन कर अब तक का रिकॉर्ड बनाया है। ये सब संभव हो रहा है निरंतर नए क्षेत्रों तक रेल की पहुंच से। पिछले वर्ष जून में जम्मू श्रीनगर रेल लिंक का उद्घाटन किया गया जिससे जम्मू सहित विशेषकर कश्मीर वैली तक विभिन्न उत्पाद जैसे ऑटोमोबाइल, सीमेंट, दूध, इत्यादि का परिवहन संभव हुआ है। ऐसे ही सितंबर 2025 को मिजोरम की राजधानी आइजोल को भी रेल लिंक से जोड़ा गया जिससे खाद्यान्न, ऑटोमोबाइल, सीमेंट इत्यादि का परिवहन वहां तक संभव हुआ।
 इसी तरह माल ढुलाई के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि दर्ज करते हुए गुजरात के महेसाणा स्टेशन से असम के अजारा तक पहली बार मसालों से लदी स्पेशल ‘‘डीम्ड वीपी रेक’’ रवाना की गई। 6 मई 2026 को रवाना हुई इस विशेष रेक में करीब 4200 क्विंटल जीरा भेजा गया। पहली बार इस रूट पर संगठित स्तर पर मसालों की रेल ढुलाई की गई है, जिसे स्पाइस लॉजिस्टिक्स के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे गुजरात के मसाला व्यापारियों एवं इससे जुड़े कृषि क्षेत्र के लोगो को पूर्वोत्तर के बाजारों से सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही व्यापारियों और निर्यातकों को तेज, सुरक्षित और किफायती परिवहन का विकल्प भी उपलब्ध हुआ है।
  हाल ही में भारतीय रेल ने ‘‘कच्छ से कश्मीर’’ तक खाद्य तेल की सफल सप्लाई भी की थी। गांधीधाम क्षेत्र के भीमासर स्टेशन से जम्मू-कश्मीर के बाड़ी ब्राह्मण और अनंतनाग तक खाद्य तेल की खेप भेजी गई। इन प्रयासों से गुजरात एवं पूर्वोत्तर के व्यवसाइयों एवं कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों को नए बाजारों तक पहुंच मिली है। जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आई है। इन फ्रेट मूवमेंट्स ने भारतीय रेल के मजबूत लॉजिस्टिक नेटवर्क और लंबी दूरी तक निर्बाध सप्लाई क्षमता को फिर साबित किया है। रेलवे की बढ़ती माल ढुलाई क्षमता से व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिल रही हैए वहीं सड़क परिवहन पर दबाव भी कम हो रहा है।
 भारतीय रेल की यह लगातार बढ़ती फ्रेट क्षमता कृषि आधारित सप्लाई चेन को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभा रही है। विस्तृत लॉजिस्टिक नेटवर्क, बढ़ी हुई वहन क्षमता और समयबद्ध डिलीवरी पर फोकस के चलते अब कृषि उत्पाद देश के अलग-अलग बाजारों तक तेजी से पहुंच रहे हैं। इससे किसानों, व्यापारियों और निर्यातकों को बेहतर कनेक्टिविटी के साथ अधिक भरोसेमंद और किफायती परिवहन विकल्प मिल रहे हैं।


साभार :


© CopyRight Pressnote.in | A Avid Web Solutions Venture.