उदयपुर, जाने माने पत्रकार मेगसेसे पुरस्कार विजेता श्री पी साईनाथ रविवार को अशोक नगर स्थित विज्ञान समिति भवन में पांचवां प्रो आर एन व्यास स्मृति व्याख्यान देंगे | “ भारतीय कृषि : असमानता का संकट” विषय पर केन्द्रित इस व्याख्यान की अध्यक्षता जानी - मानी लेखिका और अम्बेडकरवादी चिन्तक डॉ कुसुम मेघवाल करेंगी | विद्याभवन सोसाइटी के पूर्व अध्यक्ष एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी श्री अजय मेहता विशिष्ट अतिथि होंगे | प्रो आर एन व्यास मोहन लाल सुखाडिया विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता थे और जनतान्त्रिक विचार मंच के संयोजक के रूप में उन्होंने नागरिक अधिकारों और मजदूर और किसानो के हितों के लिए अनेक कार्यक्रोमो का आयोजन किया और आन्दोलनों का नेत्रित्व भी किया | उन्होंने ऐसे अनेक विद्यार्थी तैयार किये जो अपने –अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं और आम जनता के मुद्दों पर भी दखल रखते हैं | प्रो आर एन व्यास मेमोरियल समिति प्रति वर्ष उनकी पुण्य तिथि पर स्मृति व्याख्यान आयोजित करती है जिसमे अब तक प्रो अमिताभ कुंडू ,प्रो अपूर्वानंद ,भाषा सिंह , और फिल्मकार अविनाश दास व्याख्यान दे चुके हैं |
जाने माने पत्रकार और लेखक पी साईनाथ भारतीय पत्रकारिता के ऐसे उज्जवल नक्षत्र हैं जिन्होंने भारत के गरीब और वंचित वर्ग को बहुत करीब से देखकर अपनी लेखनी से उनका यथार्थ चित्रण किया है | भारतीय कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और उसमे व्याप्त असमानताओं का तार्किक विश्लेषण हमें आपकी रचनाओं में देखने को मिलता है | नोबल पुरस्कार विजेता प्रो अमर्त्य सेन ने उन्हें ग्रामीण भारत के यथार्थ को कहने वाला सर्वश्रेष्ठ पत्रकार कहा है | रमन मैग्सेसे पुरस्कार सहित दो दर्जन से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतर राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित पी. साईनाथ ने 2009 में देश का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान “ पद्मश्री” यह कहकर लौटा दिया था कि पत्रकारों को सरकारों से कोई पुरस्कार ग्रहण नहीं करना चाहिए क्योंकि वे सरकारों के बाह्य अंकेक्षक होते हैं |सन 2000 के दशक में उन्होंने भारत के दस अकाल ग्रस्त राज्यों का दौरा किया और फिर “एवरी वन लव्स ए गुड ड्राउट” नामक पुस्तक लिखी जो पूरे विश्व में बहुत चर्चित हुई | जून 2021 में उन्हें जापान से 50 लाख येन का फुकुओका ग्रैंड प्राइज प्राप्त हुआ जिसमे से एक लाख येन उन्होंने उन ग्रामीण पत्रकारों के परिवारों के लिए दिए जो कोविड का शिकार हुए थे | 23 लाख येन से उन्होंने पीपल्स आर्काइव ऑफ़ रूरल इण्डिया का गठन किया जिस में से दलित और आदिवासी पत्रकारों को फ़ेलोशिप दी जाती है | भारतीय कृषि में ग्रामीण ऋण ग्रस्तता और उस से उपजे किसानो की आत्महत्या जैसे सवालों पर केन्द्रित उनकी दस्तावेजी फिल्म “नीरोज़ गेस्ट्स” को इंडियन डोक्युमेंटरीज़ प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन का स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ | पांचवां प्रो आर एन व्यास स्मृति व्याख्यान विज्ञान समिति भवन में अपराह्न 4 बजे प्रारंभ होगा | इसमें विश्वविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी , बुद्धिजीवी , पत्रकार , लेखक , कवि और समाजकर्मी हिस्सा लेंगे |