विद्या भवन सोसाइटी द्वारा 200 से अधिक मेधावी विद्यार्थी  सम्मानित

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Published on : 09 May, 26 15:05

 विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने दिया संस्कारों और कर्म का संदेश

विद्या भवन सोसाइटी द्वारा 200 से अधिक मेधावी विद्यार्थी  सम्मानित

उदयपुर,सफलता के लॉकर की  दो चाबियां है। मुख्य चाबी कर्म की है व दूसरी चाबी भाग्य की है। मुख्य चाबी के बिना दूसरी चाबी काम नहीं करती ।  समर्पित भाव से सतत  कर्म में लीन रहने से ही जीवन में   सफलता मिलती है। 
 यह विचार विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विद्या भवन ऑडिटोरियम में आयोजित उत्कृष्ट विद्यार्थी सम्मान समारोह में व्यक्त किए। 
विद्या भवन सोसायटी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में संभाग के  विभिन्न सरकारी तथा निजी विद्यालयों  के  कक्षा 10वीं तथा  12वीं में बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 200 से अधिक विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए  सम्मानित किया गया।




मुख्य अतिथि देवनानी ने कहा कि  जीवन में सफलता व प्रगति के लिए चार  डी का  आवश्यक है। डिवोशन, डेडीकेशन तथा डिटरमिनेशन अर्थात निष्ठा, समर्पण तथा  दृढ़ संकल्प  के साथ विद्यार्थी जुट जाए तो चौथा डी, डेवलपमेंट अर्थात विकास व प्रगति स्वत: हासिल हो जायेंगे 
 उन्होंने नई शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कि  ज्ञान, हुनर एवं चरित्र के माध्यम से  देश आगे बढ़ेगा।  युवाओं व  किशोरों को उनकी सफलता कर बधाई देते हुए देवनानी ने कहा कि  वे  समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें। जीवन में ए आई का समावेश हो गया है। लेकिन मानवीय संवेदनाएं तथा संस्कार ए आई से नहीं वरन  परिवार, मूल्यपरक  शिक्षा  व समाज से मिलते  है। उन्होंने कहा कि इंटीग्रिटी,  (सत्यनिष्ठा), इनोवेशन  (नवाचार) और इनिशिएशन (पहल) से विद्यार्थी जीवन में उच्चतम स्तर को प्राप्त कर सकते है।भारत की संस्कृति  एवं अतीत अत्यंत समृद्ध है।  युवा इस नींव पर रहते हुए अपने कार्यों व  प्रयासों को 'युगानुकूल और देशानुकूल' बनाए।  विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए  देवनानी ने   उन्हें देश का भविष्य बताया।

 विद्या भवन संस्थान के साथ अपने जुड़ाव का स्मरण करते हुए   उन्होंने संस्थापक मोहन सिंह मेहता को नमन किया। 
 जब उदयपुर सहित पूरे देश में शिक्षा के प्रति जागरूकता बहुत कम थी। उस दौर में विद्या भवन उन चुनिंदा संस्थाओं में से एक था जिसने  शिक्षा की ज्योति जलाई। यहां समाज के हर वर्ग - अमीर-गरीब, लड़के-लड़कियों - को एक साथ शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिला।  उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि  विद्या भवन  अपनी जड़ों और मूल्यों से पर अडिग रहते हुए   नए विचारों और   नवाचारों से आगे बढ़ रहा है।


विशिष्ट अतिथि  जिला कलेक्टर श्रीमान गौरव  अग्रवाल  ने   विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का आग्रह किया जिला कलेक्टर ने विद्यार्थियों को अपनी संपूर्ण शिक्षा यात्रा को सिलसिलेवार बताया तथा कहा कि जीवन के किसी भी पड़ाव पर मेहनत करना बंद नहीं करें।  कड़ी मेहनत, अनुशासन तथा  पढ़ाई के प्रति समर्पण के बल पर ही  जीवन में हर मुकाम हासिल किया जा सकता है।

 कार्यक्रम की अध्यक्षता  करते हुए विद्या भवन सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. जितेन्द्र कुमार तायलिया वर्ष 1931 से निरंतर  विद्या भवन के  समाज को दी  जा रही सेवाओं पर प्रकाश डाला । डॉ तायलिया ने विद्याभवन की नई परियोजनाओं स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तथा इंटरनेशनल स्कूल की जानकारी रखी।

विद्या भवन सोसाइटी  सीईओ   राजेन्द्र भट्ट ने कहा कि विद्या भवन संभाग के विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में सदैव अग्रणी है।  
समारोह के अंत में विद्यार्थियों के चेहरों पर गौरव और उत्साह झलक उठा जब विधान सभा अध्यक्ष व  जिला कलेक्टर ने उनके साथ फोटो खिंचवाया  । कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।


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