आध्यात्मिक आश्रम  भवन उद्घाटन समारोह में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

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Published on : 10 May, 26 14:05

दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के आध्यात्मिक आश्रम  भवन उद्घाटन समारोह में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, भक्ति व सत्संग से सराबोर हुआ वातावरण

आध्यात्मिक आश्रम  भवन उद्घाटन समारोह में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब


उदयपुर। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान भारत की उदयपुर शाखा द्वारा रविवार को सेक्टर-14 स्थित नये संस्थान परिसर में आयोजित समारोह आध्यात्मिक एवं सामाजिक जागरण कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, महिलाओं एवं युवाओं ने भाग लेकर सत्संग एवं आध्यात्मिक प्रवचनों का लाभ लिया।
इस नवीन आध्यात्मिक केंद्र की नींव पवित्र हवन अनुष्ठानों की श्रृंखला द्वारा रखी गई। यह उद्घाटन समारोह प्राचीन वैदिक अनुष्ठानों, आध्यात्मिक प्रवचनों व भावपूर्ण भजनों का सुंदर सामंजस्य रहा। जिसने प्रत्येक व्यक्ति के भीतर सुषुप्त दिव्यता को जागृत करने के संस्थान के इस दिव्य उद्देश्य को उजागर किया।
समारोह का शुभारंभ परमात्मा का आह्वान व वातावरण की शुद्धि हेतु पारंपरिक श्हवन यज्ञश् द्वारा हुआ। जहां यह यज्ञाग्नि अज्ञानता, अहंकार व नकारात्मक प्रवृत्तियों के भस्मिभूत होने का प्रतीक बनी। वहीं, श्री आशुतोष महाराज जी के ब्रह्मज्ञानी वेदपाठियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण ने वायुमंडल में आध्यात्मिकता का प्रसार किया।
संस्थान की उदयपुर प्रमुख साध्वी भागिरथी भारती दीदी द्वारा नवीन आश्रम की स्थापना के उद्देश्य और संस्थान की मूल शिक्षाओं व सिद्धान्तों को उजागर करते हुए ज्ञानवर्धक आध्यात्मिक उद्बोधन एवं दिव्य ध्यान साधना के लिए सभी भक्त जिज्ञासु जनों को आमंत्रित कर आव्हान् किया।
दिव्य ज्योती जागृती संस्थान के महासचिव एवं मुख्य वक्ता स्वामी नरेंद्रानंद ने अपने उद्बोधन में विस्तार से समझाया कि कैसे ब्रह्मज्ञान केवल प्राचीन सैद्धांतिक ज्ञान नहीं बल्कि एक व्यवहारिक व अनुभवात्मक ज्ञान है जो जीवन को रूपांतरित करने की क्षमता रखता है।
साध्वी तारिणी भारती, साध्वी मृदुला भारती, साध्वी बोध्या भारती, गुरु भाई श्रेष्ठ, गुरु भाई हर्षवर्धन, द्वारा सुमधुर भजनों के गायन एवं आध्यात्मिक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जिसमें की-बोर्ड पर साध्वी शैलजा भारती, साध्वी स्वधा भारती, ओक्टोपेड़ पर साध्वी अभया भारती, तबले पर स्वामी करुणेशानंद, बांसुरी पर स्वामी मुदितानन्द तथा ढोलक पर गुरु भाई पवन ने अपनी  वादन सेवा से समां को बांधे रखा।
समारोह में उपस्थित अतिथी मार्शल आर्ट में भारत के प्रसिद्ध संस्थान एस.आर.ए.एम.एम.ए के संस्थापक निदेशक शिहान् राजकुमार मेनारिया ने बताया कि मानव जीवन में अध्यात्म, संस्कार, सेवा एवं सकारात्मक सोच का संतुलन ही सच्ची आत्मरक्षा है जिसके लिए डी.जे.जे.एस. का भागिरथी प्रयास प्रसंशा योग्य है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मानसिक तनाव, प्रतिस्पर्धा और भौतिकता के बीच आध्यात्मिक चेतना ही व्यक्ति को आंतरिक शांति एवं सही दिशा प्रदान कर सकती है।
 कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने संस्थान द्वारा किए जा रहे आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। आयोजन के अंत में सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। संस्थान पदाधिकारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, सेवाभावी कार्यकर्ताओं एवं शहरवासियों का आभार व्यक्त किया।


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