उदयपुर। अंबामाता स्थित आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर से सम्बद्ध श्री सुंदर सिंह भंडारी राजकीय जिला चिकित्सालय ने मातृत्व सेवाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर का “लक्ष्य” प्रमाणन प्राप्त किया है। यह सम्मान प्राप्त करने वाला उदयपुर का दूसरा अस्पताल बन गया है। पिछले वर्ष नवम्बर में हिरण मगरी स्थित सैटेलाइट चिकित्सालय को लक्ष्य प्रमाणीकरण मिला था।
आरएनटी प्रिंसिपल डॉ राहुल जैन ने बताया कि 10 अप्रैल को दिल्ली से आई दो विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम डॉ अन्जु पूनिया, डॉ ओम प्रकाश ने अस्पताल का विस्तृत मूल्यांकन किया। टीम ने अस्पताल के बुनियादी ढांचे, उपकरणों, मानव संसाधन, गुणवत्ता प्रक्रियाओं और प्रसुता महिलाओं की सम्मानजनक देखभाल से जुड़े मानकों की गहन समीक्षा की।
मूल्यांकन टीम ने अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था, लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर की गुणवत्ता, स्टाफ की कार्यकुशलता और मरीजों से लिए गए सकारात्मक फीडबैक की विशेष सराहना की। ऑनलाइन क्यूआर कोड फीडबैक प्रणाली और सेतु रेफरल सिस्टम को भी उत्कृष्ट बताया गया।
पिछले दो-तीन वर्षों में प्रसूति एवं स्त्री रोग सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। सीमित संसाधनों के बावजूद गुणवत्तापूर्ण सेवा देना अस्पताल की प्राथमिकता रही है।
राष्ट्रीय मूल्यांकनकर्ताओं ने केवल तीन स्त्री रोग विशेषज्ञों के होते हुए भी यहाँ की डिलीवरी और सर्जरी सेवाओं की प्रशंसा की। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत प्रमाणित संस्थानों को, यदि उनके 80 प्रतिशत से अधिक लाभार्थी संतुष्ट पाए जाते हैं, तो 12 लाख रुपए का वार्षिक आर्थिक प्रोत्साहन तीन वर्षों तक प्रदान किया जाता है। अस्पताल की इस उपलब्धि से उदयपुर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को नई पहचान मिली है और यह अन्य सरकारी संस्थानों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।
क्या है “लक्ष्य” कार्यक्रम
“लक्ष्य” यानी लेबर रूम क्वालिटी इंप्रूवमेंट इनिशिएटिव भारत सरकार का एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य प्रसूति एवं नवजात सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ाना, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना तथा मरीजों को सम्मानजनक देखभाल प्रदान करना है। इस प्रमाणन के लिए अस्पतालों का मूल्यांकन बुनियादी ढाँचा, स्वच्छता, स्टाफ प्रशिक्षण, मरीजों के अनुभव और गुणवत्ता मानकों के आधार पर किया जाता है। प्रमाणन प्राप्त संस्थानों को आर्थिक प्रोत्साहन और राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी जाती है
आर.एन.टी. मेडिकल कॉलेज, उदयपुर से संबंध श्री सुन्दर सिंह भण्डारी, जिला चिकित्सालय, अम्बामाता, उदयपुर मेडिकल कॉलेज का दूसरा अब लक्ष्य सर्टिफाईड चिकित्सालय हो गया है। लक्ष्य भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में प्रसव कक्ष एवं प्रसूति ऑपरेशन थियेटर में देखभाल की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
मुख्य उद्देश्य है-
प्रसव के दौरान या उसके तुरंत बाद होने वाली जटिलताओं के कारण होने वाली मौतों और बीमारियों को कम करना है। साथ ही प्रसव कक्ष और मैटरनिटी ऑपरेशन थियेटर में देखभाल की गुणवत्ता को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उठाना है। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना और गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण और सम्मानजनक सेवायें देना है।
डॉ नाजिमा आर वी, डॉ नरेश सिंघल, डॉ बबीत चावला, डॉ तनुज दवे, डॉ मीना पातावत, ओम सिसोदिया, आदित्य आर्य, ओ.टी. सह प्रभारी, आशा कलासुुआ, लेबर रूम प्रभारी, फतेह कुमारी, स्टोर कीपर, रेखा पूर्बिया, स्त्री व प्रसूति वार्ड प्रभारी, अशोक डोडियार, अथक प्रयासों से सेटेलाइट अम्बामाता, उदयपुर में 10 अप्रैल को नेशनल निरीक्षकों की टीम डॉ अन्जु पूनिया, डॉ ओम प्रकाश ने चिकित्सालय का निरीक्षण कर दिनांक 6 मई को लक्ष्य सर्टिफाई किया।
डॉ अशोक आदित्य, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, उदयपुर, डॉ राकेश गुप्ता, आरसीएचओ एवं यूएनएफपीए से मोहम्मद हुसैन बोहरा का नियमित सहयोग रहा।