विद्या भवन पॉलिटेक्निक की एलुमनाई एसोशिएशन , पूर्व विद्यार्थी संस्था के स्थापना दिवस में सम्मिलित हुए विधान सभा अध्यक्ष देवनानी

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Published on : 11 May, 26 06:05

अपने पूर्व विद्यार्थियों के बीच पहुंच  देवनानी पुनः  बने शिक्षक :गुरु - शिष्यों  के मिलन ने बनाया माहौल को भावुक 

विद्या भवन पॉलिटेक्निक की एलुमनाई एसोशिएशन , पूर्व विद्यार्थी संस्था के स्थापना दिवस में सम्मिलित हुए विधान सभा अध्यक्ष देवनानी

 गुरु-शिष्यों का हुआ  अनोखा मिलन, देवनानी ने दिया संदेश— केवल डिग्री नहीं, चरित्र और नवाचार भी जरूरी, तकनीक के साथ संस्कार आवश्यक

तकनीकी श्रेष्ठता के साथ नैतिकता, संयम , ईमानदारी, नवाचार , प्रकृति संरक्षण को अपनाए अभियंता : देवनानी

उदयपुर, देश को ऐसे अभियंताओं की आवश्यकता है जिनमें तकनीकी श्रेष्ठता के साथ साथ   नैतिकता ,  राष्ट्रप्रेम , मर्यादा  ,   संयम , ईमानदारी , परिश्रम तरह  प्रकृति सेवा  जैसे उत्तम  गुण एवं  संस्कार हो। विद्या भवन पॉलिटेक्निक के लिए यह गर्व का विषय हैं कि यह  संस्था वर्ष 1956 से निरंतर  ऐसे  अभियंताओं को गढ़ने का कार्य कर रही है।

यह विचार विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विद्या भवन पॉलिटेक्निक की एलुमनाई एसोशिएशन, पूर्व विद्यार्थी संस्था के साठवे  स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में व्यक्त किए।  

इस  पॉलिटेक्निक में  तीस वर्षों तक शिक्षक व   प्राचार्य रहे   देवनानी ने   पच्चीस वर्ष तथा पचास वर्ष  पूर्व उत्तीर्ण हुए  अभियंता विद्यार्थियों का सम्मान किया।  यह सभी अभियंता  देवनानी के विद्यार्थी रहे है। गुरु व शिष्यों के इस मिलन ने माहौल को भावुक बना दिया।

देवनानी   इस अवसर कर पुन: एक इंजीनियरिंग प्राध्यापक  अंदाज़ में  नजर आए। उन्होंने जहां समय पालन एवं अनुशासन के महत्व को रेखांकित किया,  वहीं  अभियंता वर्ग से आह्वान किया कि वे  भारत के समृद्ध विज्ञान व तकनीकी अतीत की नींव पर  वर्तमान को गढ़े ,  मानवीय मूल्यों को सर्वोपरि रखते हुए  आधुनिक तकनीको, प्रयोगों, खोजों  से  राष्ट्र को परम वैभव तक पहुंचाए। 

देवनानी ने कहा कि विश्व  को ऐसे तकनीकी विदों की आवश्यकता है  जो  प्रकृति का संरक्षण करे,  जल का संरक्षण करे, जिनके  हृदय में आत्मविश्वास का भाव हो, जो धर्म का आचरण करे तथा उत्साह से परिवार समाज, राष्ट्र और विश्व  की सेवा करे।

उन्होंने विद्याभवन पॉलिटेक्निक में वर्तमान में पढ़ रहे विद्यार्थियों से कहा  कि  आने वाला समय केवल  पास डिग्री धारकों का नहीं होगा  होगी, बल्कि उन लोगों का होगा जिनके भीतर नवाचार की क्षमता, निर्णय की स्पष्टता और राष्ट्र के प्रति संवेदनशीलता हो  । मशीनें आने वाले समय में बहुत कार्य करेंगी, लेकिन चरित्र, संवेदना और नेतृत्व परिवार और समाज से ही मिलेंगे।

उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे  स्वयं को केवल नौकरी तक सीमित नहीं रखे बल्कि स्व व स्वावलंबन के भाव से रोजगार सृजन करे। 
 
उन्होंने कहा कि  राष्ट्र को ऐसी   जागृत युवा शक्ति की आवश्यकता है    जो तकनीक में आधुनिक , विचार में वैज्ञानिक और  आत्मा से भारतीय हो। ऐसा भारत बने  जो दुनिया को केवल उत्पाद ही नहीं  दे, बल्कि मूल्य भी दे। ऐसा भारत जो आर्थिक शक्ति  के साथ साथ  मानवीय चेतना का भी नेतृत्व करे।
 
देवनानी ने कहा कि आज संसार कृत्रिम बुद्धिमत्ता - ए आई  की चर्चा कर रहा है। लेकिन भारत ने हजारों वर्ष पहले मानव बुद्धि की अनंत संभावनाओं पर चिंतन किया था। उन्होंने जलवायु परिवर्तन संकट का संदर्भ देते हुए कहा कि  दुनियां  सस्टेनेबल डेवलपमेंट की बात करती है, लेकिन भारत ने सदियों पहले 'प्रकृति और पुरुष के संतुलन का दर्शन दिया। आज विश्व मानसिक तनाव से जूझ रहा है, और समाधान के लिए  भारत के योग, ध्यान और अध्यात्म की ओर लौट रहा है। यह भारत की शक्ति है कि उसने केवल तकनीक ही  नहीं दी, वरन  जीवन जीने की दिशा भी  दी।

विशिष्ट अतिथि   शहर विधायक ताराचंद जैन ने पॉलिटेक्निक को एक प्रमुख संस्था बताया। 

अध्यक्षता करते हुए   विद्या भवन सोसायटी के अध्यक्ष डॉ जितेंद्र कुमार तायलिया ने संस्थापक डॉ मोहन सिंह मेहता ,  पॉलिटेक्निक के प्रथम प्राचार्य सी एस एल अग्रवाल , पूर्व शिक्षक बी एल मंत्री का स्मरण करते हुए विद्या भवन पॉलिटेक्निक को देश की सर्वश्रेष्ठ तकनीकी संस्था बताया।


पॉलिटेक्निक के प्राचार्य डॉ अनिल मेहता ने संस्थान की उपलब्धियों एवं हुनर विकास - स्किल डेवलपमेंट, शोध एवं उद्योग अनुरूप तकनीकी जनशक्ति निर्मित करने के लिए किए जा रहे  नवाचारों की रूपरेखा रखी।

समारोह में देवनानी ने नवीन  कार्यकारिणी अध्यक्ष जयप्रकाश श्रीमाली, उपाध्यक्ष अशोक जैन, महासचिव जय शर्मा, कोषाध्यक्ष गिरीश वैष्णव,  सचिव गोपेश शर्मा, सूचना और संपर्क सचिव महेंद्र समदानी,   कार्यकारिणी सदस्य बसंत दक,  यशवंत त्रिवेदी भुवन आमेटा, हेमंत मेनारिया, दर्शना शर्मा, मनीषा शर्मा,  राधा कृष्ण मेनारिया को शपथ दिलवाई l

डिप्लोमा परीक्षाओं  में प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों सहित  बेस्ट गर्ल सुमेधा तथा बेस्ट बॉय रक्षित  को सम्मानित किया गया ।

कार्यक्रम में शिक्षाविद पुष्पा शर्मा, डॉ अनिल कोठारी, गोपाल बंब ,  रेवती रमन श्रीमाली, डॉ आर के गर्ग, जयकांत दवे,  विनोद कोठारी  सहित कई गणमान्य नागरिक एवं अभियंता उपस्थित रहे


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