उदयपुर, समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में प्रेरणादायी पहल करते हुए विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, शाखा उदयपुर एवं लच्छीराम हंजा बाई सुखलेचा चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त सौजन्य से मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के जनजाति छात्रावास स्थित लाइब्रेरी में विद्यार्थियों के लिए उपयोगी फर्नीचर भेंट किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, प्रार्थना एवं प्रेरणादायी गीत के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रो. बी. पी. सारस्वत , रजिस्ट्रार वी. सी. गर्ग, इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भटनागर, डॉ. मनीष सहित अनेक शिक्षाविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि प्रो. बी. पी. सारस्वत ने कहा कि “विद्या के लिए किया गया दान समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी सेवा है।” उन्होंने विद्यार्थियों से उपलब्ध संसाधनों का सदुपयोग करने और उनके संरक्षण का संदेश दिया।
डॉ. दिग्विजय भटनागर ने इस पहल को शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए दोनों संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। वहीं गौतम सुखलेचा ने ट्रस्ट द्वारा संचालित देहदान, अंगदान, नेत्रदान और रक्तदान जैसे सेवा कार्यों की जानकारी देते हुए समाज में जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
सुखलेचा चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं विवेकानंद केंद्र प्रभारी डॉ. पुखराज सुखलेचा ने स्वामी विवेकानंद से संबंधित प्रेरणादायी साहित्य भी लाइब्रेरी को भेंट किए जाने की घोषणा की। विद्यार्थियों ने इस पुनीत पहल के लिए दोनों संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
लाइब्रेरी को प्रदान किया गया फर्नीचर अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा। कार्यक्रम का समापन “भारत जागो, विश्व जगाओ” के उद्घोष के साथ हुआ।
इस अवसर पर रमेश चंद्र कुमार, अमित कुमार, उत्तम सुखलेचा, वीनु सुखलेचा, डॉ. चारू सुखलेचा, डॉ. रेनू सुखलेचा, डॉ. सरोज सुखलेचा सहित अनेक गणमान्यजन एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।