उदयपुर। ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत आरोग्य सेवा संस्थान द्वारा संचालित आरोग्य जिला नशा मुक्ति केंद्र की ओर से जगदीश चैक स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों एवं स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। विद्यालय के शिक्षकगण, छात्राएं एवं संस्थान के प्रतिनिधि कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
संस्थान के प्रोजेक्ट मैनेजर नारायण सिंह एवं प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर विजयपाल सिंह सिसोदिया ने कहा कि नशा केवल शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक बीमारी भी है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और बच्चों में बढ़ती मोबाइल एवं गैजेट्स की लत पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि अत्यधिक मोबाइल उपयोग से एकाग्रता में कमी, नींद की समस्या और सामाजिक व्यवहार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
वक्ताओं ने अभिभावकों से बच्चों को सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेम्स की लत से दूर रखते हुए उन्हें रचनात्मक एवं सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि नशा व्यक्ति को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर बना देता है तथा अपराध और हिंसा जैसी समस्याओं को बढ़ावा देता है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य दुर्गेश कुमार शर्मा, शिक्षकों एवं छात्राओं ने नशा मुक्ति की शपथ ली। प्रधानाचार्य ने आरोग्य सेवा संस्थान के इस जनजागरूकता अभियान की सराहना करते हुए छात्राओं को नशा मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान जागरूकता पैम्फलेट एवं विजिटिंग कार्ड भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम में जोगेंद्र सिंह चैहान, राकेश सिंह, सुदर्शन सिंह, हर्षवर्धन सिंह, श्वेता कुंवर, कर्णिका राज चैहान एवं रीना धोबी सहित संस्थान