जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक

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Published on : 12 May, 26 19:05

दुर्घटना पीड़ितों को 7 दिनों तक 1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज बिना किसी देरी के उपलब्ध कराया जाए

जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक

श्रीगंगानगर। जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक मंगलवार को जिला कलक्टर डाॅ. अमित यादव की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई।
उन्होंने जिले में सड़क सुरक्षा की स्थिति सुधारने के लिये एनएच पीडब्ल्यूडी और पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का संयुक्त सर्वे दिन व रात्रि के समय वहां आवश्यक सुधार जैसे साइन बोर्ड, रम्बल स्ट्रिप्स और रिफ्लेक्टर लगवाए। एनएच-62 महियांवाली रोड़ पर रम्बल स्ट्रिप्स, रिफ्लेक्टर थर्मो प्लास्टिक एवं आवश्यक चेतावनी बोर्ड़ शीघ्र ही संबंधित अधिकारी लगवाना सुनिश्चित करे।
जिला कलक्टर ने नगर परिषद एवं स्थानीय निकाय के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे तुरंत प्रभावी अभियान चलाकर हाईवे से पशुओं को हटाकर नजदीकी गौशालाओं में भिजवाना सुनिश्चित करें। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के क्रम में, राष्ट्रीय-राज्य राजमार्गों के केन्द्र बिन्दु से 75 मीटर के भीतर कोई भी वाणिज्यिक निर्माण जो कि अवैध रूप से निर्मित है, की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिये गये हैं। सार्वजनिक निर्माण विभाग और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अपने-अपने कार्यक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हाईवे का तत्काल सर्वे करेंगे।
उन्होंने कहा कि ऐसे पेड़ जो सुगम यातायात में बाधा डाल रहे है एवं जिनके कारण दुर्घटना होने की सम्भावना है, उनको चिन्हित कर वन विभाग से समन्वय कर नियमानुसार तुरंत हटवाया जाए ताकि भविष्य में होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके। पेडों की टहनियों की कटाई के समय यातायात व्यवस्था बाधित न हो और कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। इस कार्य को प्राथमिकता देते हुए आगामी 7 दिवस में अनुपालना रिपोर्ट प्रेषित करने के निर्देश दिये।
पुलिस एवं परिवहन विभाग को बिना हेलमेट, ओवरस्पीडिंग और ड्रिंक एंड ड्राइव के विरुद्ध विशेष चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। सुबह के वक्त विशेष गश्त और चेकिंग बढ़ाई जाए। नगर विकास न्यास को रोडवेज और निजी बस स्टैंड, दोनों को एक ही स्थान पर एकीकृत करने हेतु भूमि आवंटन और तकनीकी संभावनाओं की रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिये। दुर्घटना के श्गोल्डन ऑवरश् में घायल को तुरन्त चिकित्सा सहायता मिले, इसके लिये एनएचएआई और चिकित्सा विभाग को निर्देश दिए गये।
उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना के तुरंत बाद ई-डार पोर्टल पर डेटा अपलोड करना अनिवार्य है। विशेष रूप से पुलिस विभाग को दुर्घटना के 24 से 48 घंटे के भीतर डिजिटल प्रमाणीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लम्बित प्रकरण वाले विभागों के अधिकारियों को इसे प्राथमिकता से करने के साथ-साथ लंबित मामलों को तत्काल शून्य करने के निर्देश दिये।
सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित इलाज मुहैया कराने के लिए जिला कलक्टर ने निर्देश दिए हैं कि कैशलेस उपचार का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाये। जिले के सभी सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में दुर्घटना पीड़ितों को 7 दिनों तक 1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज बिना किसी देरी के उपलब्ध कराया जाए। दुर्घटना की स्थिति में श्112श् हेल्पलाइन का उपयोग कर तत्काल सहायता ली जा सकती है।
बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री हरीशंकर, अतिरिक्त जिला कलक्टर सतर्कता श्रीमती रीना, श्री हरीराम, श्री रोशन लाल, श्री पीयूष युधुवंशी, श्री देवानंद, डाॅ. अजय सिंगला, श्री दिनेश कुमार, श्री मंगत सेतिया, श्री सुरेन्द्र पूनिया, श्री हरविन्दर सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


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