माता वैष्णो देवी कटरा स्टेशन पर तैनात टिकट चेकिंग स्टाफ की मानवीय पहल

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Published on : 12 May, 26 19:05

बिछड़ी हुई बुजुर्ग महिला को सुरक्षित परिवार से मिलाया

माता वैष्णो देवी कटरा स्टेशन पर तैनात टिकट चेकिंग स्टाफ की मानवीय पहल

जम्मू। उत्तर रेलवे के श्री माता वैष्णो देवी कटरा रेलवे स्टेशन पर 12 मई को मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। स्टेशन पर तैनात सजग टिकट चेकिंग स्टाफ की तत्परता से मध्य प्रदेश की एक बुजुर्ग महिला को सकुशल उनके परिजनों से मिलाया गया।
 जम्मू मंडल के जनसम्पर्क निरीक्षक श्री राघवेन्द्र सिंह ने बताया कि पूर्ण घटनाक्रम पर नजर डालें, स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान टिकट चेकिंग स्टाफ श्री कमलकांत को इंक्वायरी में ड्यूटी के दौरान इंक्वायरी ऑफिस के समीप एक बुजुर्ग महिला असहाय और घबराई हुई अवस्था में मिलीं। श्री कमलकांत द्वारा सहानुभूति पूर्वक पूछताछ करने पर पता चला, कि महिला कल शाम स्टेशन की भीड़भाड़ के दौरान अपने परिवार से बिछड़ गई थीं।
 वह मानसिक रूप से काफी परेशान थीं और अपने परिजनों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही थीं।
 उन्होंने त्वरित कार्रवाई और समन्वय के साथ टिकट चेकिंग स्टाफ ने तुरंत महिला को सहारा दिया और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) को सूचित किया। जीआरपी के सहयोग से गहन प्रयासों के बाद महिला की पहचान विक्रमगढ़, मध्य प्रदेश के निवासी के रूप में हुई। उपलब्ध जानकारी के आधार पर उनके परिजनों से मोबाइल के माध्यम से संपर्क साधा गया। परिजनों ने बताया कि वे अपनी माता जी के खो जाने से अत्यंत चिंतित थे। चेकिंग स्टाफ ने परिजनों को उनकी कुशलता के बारे में बताकर आश्वस्त किया।
 इस घटना पर सराहना व्यक्त करते हुए वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, जम्मू श्री उचित सिंघल ने कहा, कि रेलवे अपने यात्रियों की सुरक्षा और सेवा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। टिकट चेकिंग स्टाफ ने न केवल अपनी ड्यूटी निभाई, बल्कि मानवता का परिचय देते हुए एक बिछड़े हुए परिवार को मिलाने का सराहनीय कार्य किया है। यात्रियों का भरोसा ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है और हमारी टीम भविष्य में भी इसी सेवा भावना के साथ कार्य करती रहेगी।
 परिजनों से समन्वय स्थापित करने के बाद, रेलवे प्रशासन की देखरेख में बुजुर्ग महिला को गाड़ी संख्या 12472 (स्वराज एक्सप्रेस) में कटरा स्टेशन से उनके गृह नगर विक्रमगढ़ के लिए सुरक्षित रवाना किया गया। ट्रेन के ऑन-बोर्ड स्टाफ को भी यात्रा के दौरान उनकी विशेष देखभाल करने के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे प्रशासन और जीआरपी की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की स्थानीय यात्रियों और महिला के परिजनों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की है। यह घटना सिद्ध करती है कि भारतीय रेल न केवल सफर को सुगम बनाती हैए बल्कि संकट के समय यात्रियों के लिए एक रक्षक की भूमिका भी निभाती है। 


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