देशभक्ति की अनूठी मिसाल

( 4828 बार पढ़ी गयी)
Published on : 14 May, 26 06:05

स्वर्ण शिल्पी डॉ. इक़बाल सक्का ने 50 वर्षों की 199 विश्व रिकॉर्ड स्वर्ण कृतियाँ राष्ट्र को समर्पित कीं

देशभक्ति की अनूठी मिसाल

उदयपुर। जब देश आर्थिक चुनौतियों के दौर से गुजर रहा हो, तब सच्ची देशभक्ति केवल शब्दों में नहीं बल्कि त्याग और समर्पण में दिखाई देती है। ऐसी ही प्रेरणादायक मिसाल पेश की है उदयपुर के विश्वविख्यात स्वर्ण शिल्पी डॉ. इक़बाल सक्का ने, जिन्होंने अपनी आधी सदी की अथक साधना से निर्मित 199 अद्भुत स्वर्ण सूक्ष्म कलाकृतियों को देशहित में समर्पित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

<br /><img src="http://www.pressnote.in/upload/535865A.jpg" style="max-width:400px; padding:5px;" align="left"><br />

211 विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करा चुके डॉ. सक्का ने भारत सरकार को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि उनकी इन दुर्लभ स्वर्ण कलाकृतियों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नीलामी करवाई जाए तथा उससे प्राप्त संपूर्ण राशि भारत सरकार के राजकोष में जमा की जाए, ताकि देश संभावित आर्थिक संकट से मजबूती से मुकाबला कर सके।

प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा देशवासियों से एक वर्ष तक सोना नहीं खरीदने की अपील से प्रेरित होकर लिया गया यह फैसला अब पूरे देश में चर्चा का विषय बनता जा रहा है। कला और राष्ट्रप्रेम का ऐसा संगम विरले ही देखने को मिलता है।

केवल लेंस से दिखाई देती हैं ये अद्भुत कृतियाँ

डॉ. सक्का की ये कलाकृतियाँ सामान्य नहीं हैं। ये दुनिया की सबसे सूक्ष्म स्वर्ण आकृतियों में गिनी जाती हैं, जिन्हें खुली आंखों से देख पाना लगभग असंभव है। इन्हें देखने के लिए विशेष लेंस या सूक्ष्मदर्शी की आवश्यकता पड़ती है। इन अनमोल कृतियों को तैयार करने में उन्होंने अपने जीवन के 50 वर्ष समर्पित कर दिए।

इन स्वर्ण कलाकृतियों ने न केवल भारत बल्कि विश्वभर में भारतीय कला कौशल का गौरव बढ़ाया है। अब इन्हें राष्ट्रहित में समर्पित करने का निर्णय डॉ. सक्का की महान सोच और देशप्रेम को दर्शाता है।

राष्ट्र पहले, कला बाद में

डॉ. सक्का ने कहा कि जब देश पर आर्थिक संकट के बादल मंडरा रहे हों, तब एक कलाकार की कला भी देश के काम आनी चाहिए। उन्होंने अपनी पूरी साधना और मेहनत को भारत माता के चरणों में अर्पित करने की भावना व्यक्त की।

मुख्य बिंदु

शिल्पी: डॉ. इक़बाल सक्का

कुल उपलब्धि: 211 वर्ल्ड रिकॉर्ड

समर्पित कृतियाँ: 199 स्वर्ण सूक्ष्म कलाकृतियाँ

अवधि: 50 वर्षों की साधना

उद्देश्य: देशहित और आर्थिक सहयोग

प्रस्ताव: अंतरराष्ट्रीय नीलामी द्वारा राशि सरकारी कोष में जमा करना

डॉ. इक़बाल सक्का का यह निर्णय केवल एक समाचार नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, त्याग और कला के प्रति समर्पण की ऐसी प्रेरक गाथा है, जो आने वाली पीढ़ियों को भी देशहित में योगदान देने की प्रेरणा देती रहेगी।


साभार :


© CopyRight Pressnote.in | A Avid Web Solutions Venture.