बाल श्रम उन्मूलन एवं श्रमिक कल्याण को लेकर जिला कलक्टर ने की समीक्षा बैठक

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Published on : 14 May, 26 16:05

बाल श्रम उन्मूलन एवं श्रमिक कल्याण को लेकर जिला कलक्टर ने की समीक्षा बैठक

        जैसलमेर। जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय बाल श्रम टास्क फोर्स, बंधक श्रमिक की रोकथाम के लिए गठित जिला स्तरीय बंधक श्रमिक सतर्कता समिति तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम-1996 की प्रभावी क्रियान्विति के लिए गठित बीओसीडब्ल्यू टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

         बैठक के दौरान सदस्य सचिव एवं श्रम कल्याण अधिकारी सुरेश कुमार ने उपस्थित सदस्यों को सभी समितियों के कार्यों एवं मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के बारे में बिंदुवार विस्तार से जानकारी प्रदान की।

        बैठक में जिले में बाल श्रम की वर्तमान स्थिति, गत वर्षों में विभिन्न विभागों द्वारा बाल श्रम के विरुद्ध की गई कार्यवाहियों, जिला स्तरीय टास्क फोर्स के माध्यम से बाल कल्याण समिति, चाइल्ड हेल्प लाइन एवं मानव तस्करी विरोधी इकाई के मध्य समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

        जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक थाने में नियुक्त बाल कल्याण अधिकारियों की सूची मोबाइल नंबर सहित संबंधित विभागों को उपलब्ध करवाई जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर त्वरित समन्वय स्थापित किया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यालय से कोई बालक ड्रॉप आउट होता है तो उसकी सूचना तत्काल संबंधित विभागीय अधिकारियों तक पहुंचाई जाए, जिससे ऐसे बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

       बैठक में जिला स्तरीय बंधक श्रमिक सतर्कता समिति में गैर सरकारी सदस्यों के मनोनयन, जिले में बंधक श्रमिकों के सर्वे, मुक्ति एवं पुनर्वास की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही नगरीय निकायों द्वारा निर्माण कार्यों हेतु जारी अनुमतियों एवं संग्रहित उपकर राशि की मासिक सूचना उपलब्ध करवाने तथा निर्माणाधीन कार्यों पर कार्यरत श्रमिकों का ई-श्रम एवं पीएमएसवाईएम योजना में अधिकाधिक पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

        जिला कलक्टर जोरवाल ने कहा कि विद्यालय वह महत्वपूर्ण मंच है जहां बच्चों के भविष्य का निर्माण होता है। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए ड्रॉप आउट बच्चों के पुनः नामांकन को प्राथमिकता देने तथा बाल श्रम उन्मूलन के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

       इस अवसर पर जिला कलक्टर ने बाल श्रम उन्मूलन एवं श्रमिक कल्याण योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने आमजन एवं श्रमिकों तक योजनाओं की जानकारी प्रभावी रूप से पहुंचाने के लिए जागरूकता गतिविधियों को आवश्यक बताया।

      बैठक में नगर विकास न्यास सचिव सुखराम पिण्डेल, उपनिदेशक महिला एवं बाल अधिकारिता अशोक गोयल, अधीक्षण अभियंता भैराराम चौधरी, अधीक्षण अभियंता जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग कैलाश चन्द्र मीणा, सहायक निदेशक सूचना एवं जनसम्पर्क प्रवीण प्रकाश चौहान, सहायक निदेशक बाल कल्याण समिति हिम्मत सिंह कविया सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।


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