कोटा मेडिकल कॉलेज में प्रसूताओं की मौत पर ARISDA का बयान, बिना जांच निलंबन पर जताई नाराजगी

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Published on : 14 May, 26 16:05

कोटा मेडिकल कॉलेज में प्रसूताओं की मौत पर ARISDA का बयान, बिना जांच निलंबन पर जताई नाराजगी

कोटा। अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ (ARISDA) ने कोटा मेडिकल कॉलेज में सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान प्रसूताओं की मौत की घटना को अत्यंत गंभीर और चिंताजनक बताया है। संघ ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए गंभीर रूप से भर्ती प्रसूताओं के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
संघ के प्रदेश महासचिव डॉ. दुर्गा शंकर सैनी ने कहा कि पिछले कुछ समय से जांच पूरी होने से पहले ही डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों को निलंबित या बर्खास्त किया जा रहा है, जो गलत परंपरा है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट आने से पहले कार्रवाई करना डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों की निष्ठा पर प्रश्नचिन्ह लगाने जैसा है और इससे सरकारी चिकित्सा सेवाओं का लाभ लेने वाले लाखों मरीजों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच में ऑपरेशन थियेटर की व्यवस्था, रख-रखाव, दवा खरीद प्रक्रिया, उपयोग में ली गई दवाओं तथा ऑपरेशन में प्रयुक्त सभी सामग्री की गहन जांच शामिल होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके।
संघ के कोटा जिला अध्यक्ष डॉ. अमित गोयल और जिला महासचिव डॉ. राजेश सामर ने चेतावनी दी कि यदि बिना जांच किए डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों का निलंबन वापस नहीं लिया गया तो अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ (ARISDA) भी विरोध प्रदर्शन करेगा।
 


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