वसुधैव कुटुम्बकम के मर्म को समझना प्रासंगिक :डॉ प्रताप सिंह

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Published on : 15 May, 26 18:05

वसुधैव कुटुम्बकम के मर्म को समझना प्रासंगिक :डॉ प्रताप सिंह

उदयपुर। ये विचार, महाराणा प्रताप कृषि एवम प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के कुलगुरु डॉक्टर प्रताप सिंह ने विश्वविद्यालय के संघटक सामुदायिक एवम व्यावहारिक विज्ञान महाविद्यालय के मानव विकास एवम पारिवारिक अध्ययन विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय  परिवार दिवस पर "बिसरे संस्कार :बिखरे परिवार " विषयक ऑनलाइन मंथन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किए। आपने अपने उद्बोधन में कहा की ये कुटुंब प्रबोधन कार्यक्रम के सामान ही एक सांस्कृतिक पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य संयुक्त परिवार व्यवस्था को पुनर्जीवित करना, भारतीय संस्कारों को बढ़ावा देना और परिवारों को राष्ट्रभक्ति से जोड़ना है। यह कार्यक्रम बदलते दौर में एकल परिवारों में संवाद, प्रेम, संस्कार और सामूहिकता की कमी को दूर करने की दिशा में प्रशंसनीय पहल हैI

कार्यक्रम के प्रारम्भ में स्वागत करते हुए महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ लोकेश गुप्ता ने आयोजन को अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रासंगिक बताते हुए कहा की ऐसे आयोजन ना केवल प्रतिभागियों को सारगर्भित चर्चा के अवसर प्रदान करते हैं अपितु अनुभवी वरिष्ठजनों के मार्गदर्शन से उनके भावी जीवन का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं। आयोजन सचिव ,विभाग की एमेरिटस प्रोफेसर डॉ गायत्री तिवारी ने परिचयात्मक टिप्पणी प्रस्तुत करते हुए बताया की आज, 15 मई 2026 को, हम वैश्विक समुदाय के साथ अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस मना रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्थापित यह दिवस हमारे सामाजिक, आर्थिक और भावनात्मक जीवन में परिवारों की मूलभूत भूमिका को पहचानने का एक समर्पित अवसर है. 2026 का विषय, "परिवार, असमानताएं और बाल कल्याण"  है । यह कार्यक्रम मुख्य रूप से टूटे हुए परिवारों पर हमारी संस्कृति को भूलने के प्रभावों पर केंद्रित है, जो सीधे तौर पर बच्चों के कल्याण से संबंधित है, क्योंकि बच्चे ही हमारा भविष्य हैं। इस कार्यक्रम में डॉ विजय लक्ष्मी  चौहान, निवर्तमान छात्र  कल्याण अधिकारी, मोहनलाल सुखाड़िया  विश्वविद्यालय , उदयपुर, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की एमेरिटस प्रोफेसर डॉ रेखा व्यास, डॉ सुमन सिंह ,निवर्तमान एमेरिटस प्रोफेसर और निवर्तमान छात्र  कल्याण अधिकारी, बी ऍन कॉलेज की निवर्तमान डीन डॉ शिल्पा राठौड़ तथा डॉ हेमू राठौड़, इंचार्ज, संसाधन प्रबंधन एवं उपभोक्ता विज्ञानं विभाग की सक्रीय भागीदारी रही। कॉलेज के स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने भी कर्यक्रम में उत्साह पूर्वक भाग लिया I विभाग की इंचार्ज और कार्यक्रम की सह समन्वयक डॉ मोनिका राय ने कार्यक्रम के अंत में सारांश प्रस्तुत कर धन्यवाद ज्ञापित किया I तकनीकी समन्वयन श्रीमती रेखा राठौड़ और श्री रविंदर सिंह द्वारा किया गया ।


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