उदयपुर। महाराणा मेवाड़ चौरिटेबल फाउण्डेशन, उदयपुर द्वारा ‘अन्तरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 2026’ के उपलक्ष्य में विविध कार्यक्रमों का शुभारंभ किया गया। इस वर्ष अन्तरराष्ट्रीय संग्रहालय परिषद (आई.सी.ओ.एम.) की घोषित थीम ‘संवाद में कला: आवाजों का एकजुट करना’ के अनुरूप आयोजन किए गए, जिनमें कला के माध्यम से संवाद, सीखने और सहभागिता को विशेष महत्व दिया गया।
फाउण्डेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मयंक गुप्ता ने बताया कि प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी अन्तरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर आदिवासी क्षेत्र की नन्हीं बालिकाओं के लिए विशेष टेक्सटाइल पेंटिंग कार्यशाला आयोजित की गई। जिसका उद्देश्य कला एवं संवाद के माध्यम से बालिकाओं की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना था।
इस अवसर पर उदयपुर के शिक्षांतर संस्थान की कुल 35 बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अहमदाबाद की आर्टिस्ट जया सोलंकी एवं चित्तौड़गढ़ की आर्टिस्ट दिव्या बंगड़ ने बालिकाओं को संवादात्मक शैली में टेक्सटाइल पेंटिंग की बारीकियाँ सिखाईं। बालिकाओं ने भी अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का परिचय देते हुए क्लॉथ बैग्स पर आकर्षक एवं रंग-बिरंगी चित्रकारी की।
कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षांतर संस्थान की बालिकाओं को सिटी पैलेस संग्रहालय का भ्रमण भी करवाया गया, जहाँ उन्हें मेवाड़ की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, संस्कृति एवं प्राचीन इतिहास से परिचित कराया गया।