निर्वाण विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह सम्पन्न

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Published on : 17 May, 26 07:05

विधानसभाध्यक्ष डॉ. वासुदेव देवनानी ने युवाओं का किया आव्हान — विज्ञान को आध्यात्म, तकनीक को संस्कृति और आधुनिकता को मानवता से जोड़ें

निर्वाण विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह सम्पन्न

जयपुर, 1राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष Vasudev Devnani ने युवाओं का आव्हान किया कि वे विज्ञान को आध्यात्म, तकनीक को संस्कृति और आधुनिकता को मानवता से जोड़कर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने देश में आरोग्य संस्कृति विकसित कर भारत को “स्वास्थ्य गुरु” बनाने की अपील भी की।

वे शनिवार को जयपुर स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित निर्वाण विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।

देवनानी ने कहा कि भारत ने विश्व को शून्य, आयुर्वेद, योग, ध्यान और आध्यात्म का विज्ञान दिया है। आज भारत अंतरिक्ष, डिजिटल तकनीक, चिकित्सा, रक्षा अनुसंधान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल हो रहा है। यह केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि मानव कल्याण से जुड़ी भारतीय चेतना का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी दुनिया को नई दिशा देने की क्षमता रखती है। यदि युवा शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों को आत्मसात करें, तो देश का भविष्य स्वर्णिम होगा। उन्होंने कहा कि डिग्री केवल कागज का प्रमाण पत्र नहीं, बल्कि जीवन का पवित्र दायित्व है।

समारोह के विशिष्ट अतिथि गृह राज्य मंत्री Jawahar Singh Bedham ने कहा कि प्राचीन काल में भारतीय विश्वविद्यालय विश्वभर के विद्यार्थियों के आकर्षण का केंद्र थे। आज आवश्यकता है कि भारत फिर से शिक्षा, संस्कृति और अध्यात्म का वैश्विक केंद्र बने।

राज्यपाल के सलाहकार (उच्च शिक्षा) प्रो. कैलाश सोडाणी ने शोध और नवाचार में नई सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. (डॉ.) राजा बाबू पंवार की विशेष उपस्थिति रही।

निर्वाण चैरिटेबल ट्रस्ट, श्रीगंगानगर के चेयरपर्सन डॉ. मंजीत सिंह निर्वाण ने भी अपने विचार व्यक्त किए। विश्वविद्यालय के चेयरमैन डॉ. एस.एल. सिहाग ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के वर्षों के परिश्रम और उपलब्धियों का उत्सव है।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस.एल. गोदारा ने कहा कि संस्थान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। वहीं उपकुलपति प्रो. भावना देथा ने प्रथम दीक्षांत समारोह को विश्वविद्यालय के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

कुलसचिव डॉ. सी.एम. राजोरिया ने जानकारी दी कि समारोह में विभिन्न संकायों के शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधियां तथा स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं।

समारोह के दौरान विद्यार्थियों के चेहरों पर सफलता की मुस्कान और अभिभावकों की आंखों में गर्व साफ दिखाई दिया। पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहा और यह समारोह विद्यार्थियों के जीवन की यादगार उपलब्धियों में शामिल हो गया।


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